जगतपुर (रायबरेली)। जगतपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर जिंगना गांव के पास अनियंत्रित होकर कार (पजेरो) बाइक और साइकिल सवार को टक्कर मारते हुए गंग नहर पुल की रेलिंग से टकराकर पलट गई। हादसे में कार पर सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हो गये।
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मरने वालों में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के सांस्कृतिक मंत्री मनीष सैनी (26) व लखनऊ निवासी छात्र अंकित पांडेय शामिल हैं। घायलों में यूनिवर्सिटी के ही छात्र संघ उपाध्यक्ष आदिल हमजा समेत छह छात्र शामिल हैं। जबकि एक साइकिल और दो बाइक सवार भी घायल हुए हैं।
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यह हादसा उस समय हुआ, जब सभी छात्र छात्र संघ चुनाव में मिली विजय पर मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ जा रहे थे। पुलिस ने घायलों को सीएचसी पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल छात्रों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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एकलौता बेटा था अंकित, सरप्राइज देने आ रहा था लखनऊ
रायबरेली में सड़क हादसे में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी के साथ जान गंवाने वाला गोमतीनगर के विरामखंड निवासी अंकित पांडेय अपने माता-पिता का एकलौता बेटा था। वह परिवारीजनों को सरप्राइज देने के लिए ही दोस्तों के साथ घर आ रहा था। उसकी मौत की खबर जैसे ही परिवारीजनों को मिली, कोहराम मच गया। मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। परिवारीजन रायबरेली से देर रात पोस्टमार्टम के बाद अंकित का शव रायबरेली के जायस स्थित पैतृक निवास ले गये।
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अंकित के पिता डॉ. एसएन पांडेय हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। घर पर छोटी बहन के अलावा मां विजयश्री हैं। पिता ने बताया कि अंकित इलाहाबाद में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। बीते सप्ताह उसने मां से फोन पर बात की और 3 अक्तूबर को लखनऊ आने के लिए कहा था। हालांकि, किसी वजह से वह घर नहीं आ सका। बुधवार को वह दोस्तों के साथ बिना बताए लखनऊ के लिए निकल पड़ा। पिता ने कहा कि उसके दोस्तों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलना था। वह भी सीएम से मिलने के बाद घर आने वाला था। अगर उन्हें मालूम होता कि अंकित अपने दोस्तों के साथ कार से घर आ रहा है तो वह कभी सहमति नहीं देते।
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अंकित के पिता डॉ. एसएन पांडेय हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। घर पर छोटी बहन के अलावा मां विजयश्री हैं। पिता ने बताया कि अंकित इलाहाबाद में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करता था। बीते सप्ताह उसने मां से फोन पर बात की और 3 अक्तूबर को लखनऊ आने के लिए कहा था। हालांकि, किसी वजह से वह घर नहीं आ सका। बुधवार को वह दोस्तों के साथ बिना बताए लखनऊ के लिए निकल पड़ा। पिता ने कहा कि उसके दोस्तों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलना था। वह भी सीएम से मिलने के बाद घर आने वाला था। अगर उन्हें मालूम होता कि अंकित अपने दोस्तों के साथ कार से घर आ रहा है तो वह कभी सहमति नहीं देते।
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पूर्व सांसद अतीक के भाई की थी कार
जिस कार से सभी छात्र लखनऊ आ रहे थे, वह इलाहाबाद के बाहुबली व पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई अशरफ की थी। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष आदिल हमजा ने अशरफ से कार मांगी थी। कार में हमजा के अलावा मिर्जापुर के चुनार निवासी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का ज्वाइंट सेक्रेटरी (कल्चरल) मनीष सैनी, लखनऊ के गोमतीनगर विरामखंड निवासी अंकित पांडेय, गोरखपुर निवासी व इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर रहा अखिलेश राय, विधि संकाय का पूर्व नेता कपिल प्रताप सिंह, छात्र नेता अंकित वर्मा उर्फ बादल, अनुभव सिंह सवार थे।
कार भइयू अहमद चला रहा था। हमजा के जीजा इमरान खान ने बताया कि हादसे में दो साथियों के मारे जाने की सूचना किसी को नहीं दी गई है। हमजा के सिर पर गंभीर चोट आई है जबकि बाकी के शरीर पर चोटें हैं। अनुभव को मामूली चोटें आई थीं इसलिए उसे उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।