कठौता चौराहे पर उनकी पान की दुकान है। आदित्य को किसी काम से दिल्ली जाना था। उन्होंने अनुज को दुकान पर बैठने के लिए बुलाया था। अनुज चार दिन पहले लखनऊ आए थे। आदित्य दिल्ली चले गए। बुधवार को उन्होंने अनुज को फोन किया तो उसने बताया कि वह दुकान पर बैठा है। शाम को आदित्य ने फिर कॉल की तो फोन नहीं उठा।
कई बार खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला
आदित्य के कहने पर शिवम जब कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अनुज फंदे से लटके मिले। शिवम अनुज को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने छानबीन के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई की मौत की खबर पाकर आदित्य भी दिल्ली से लौट आए।
ऑनलाइन बेटिंग गेम खेलने का आदी था अनुज
आदित्य ने बताया कि अनुज ऑनलाइन बेटिंग गेम खेलने का आदी था। इसके चलते वह 20 हजार रुपये हार गया था। उसने कुछ लोगों से रुपये उधार ले रखे थे। जो रुपये वापस मांग रहे थे। उन्होंने आशंका जताई है कि उधार देने वाले उनके भाई को प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने अनुज के बैंक खाते और कॉल डिटेल की जांच की मांग की है। परिवार में पिता राजमिस्त्री उमेश प्रसाद बरनवाल और मां बीना देवी हैं।