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पुख्ता होगी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पोर्टल की सुरक्षा

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प्रवेंद्र गुप्ता
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केंद्रीय पोर्टल को हैक कर नगर निगम के जोन-3 में जाली जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले की जांच जनगणना निदेशालय ने भी शुरू कर दी है। मंगलवार को जांच टीम ने कई अफसराें से मामले की जानकारी ली। जांच के बाद साइबर सिक्योरिटी के इंतजाम और पुख्ता किए जाएंगे। मालूम हो कि दो महीने पुराने मामले की जांच पुलिस पहले से ही कर रही है।
जांच टीम ने जोन एक में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र अनुभाग में जाकर कंप्यूटर कक्ष भी देखा। इस दौरान जाना कि आखिर किस तरह ऑनलाइन प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। साथ ही जोन तीन के अफसरों और नगर स्वास्थ्य अधिकारी से भी बात की। टीम ने जानकारी ली कि उन्हें किस तरह पता चला कि आईडी हैक हुई है। साथ ही पूछा कि आईडी हैक कर जाली प्रमाण पत्र जारी करने वाले साइबर कैफे संचालक ने क्या बताया। मामला सामने आने के बाद पुलिस और सीएमओ को लिखे गए पत्र की भी जानकारी ली।
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जानिए क्या था मामला
पांच साल से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का काम केंद्रीय पोर्टल सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) के जरिए किया जा रहा है। इसे लेकर हर जोन में जोनल अधिकारी को रजिस्ट्रार का अधिकार दिया गया है और आईडी पासवर्ड भी दिया गया है। दो महीने पहले जोन तीन में आईडी हैक होने का मामला सामने आया। जारी करने वाले के नाम की जगह एक मोबाइल नंबर दिख रहा था। पता चला कि फैजुल्लागंज का एक साइबर कैफे वाला प्रमाण पत्र बना रहा है। जोन तीन के कर्मचारियों ने बहाने से उसे बुलाया। जेल जाने के डर से उसने बताया कि पैसा देकर आईडी खरीदी है। इसके जरिए वह देशभर में किसी भी शहर में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर सकता है। इसके आधार पर नगर निगम ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
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जोन तीन में आईडी हैक होने के मामले की जांच जनगणना निदेशालय की टीम कर रही है। टीम यह जानकारी कर रही है कि किस तरह बाहरी लोगों ने प्रमाण पत्र जारी किए। इसे रोकने के लिए सिस्टम में क्या सुधार किया जाए। इसे लेकर भी सुझाव मांग रही थी।
- सुनील रावत, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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