लखनऊ। बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी के पहले तल पर मंगलवार को स्ट्रोक यूनिट की शुरुआत हुई। इसमें 24 घंटे इलाज मिलेगा। न्यूरो सर्जन डॉ. विनोद तिवारी ने बताया कि बात करते समय अचानक मुंह टेढ़ा हो जाए, बोलने में दिक्कत हो, हाथ न उठे या संतुलन बिगड़ जाए तो सतर्क हो जाएं। यह ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) हो सकता है। तत्काल व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं। तीन-चार घंटे के अंदर इलाज मिल जाए तो लकवा होने की आशंका काफी कम हो जाती है।
मौके पर निदेशक डॉ. सुशील प्रकाश, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय तेवतिया, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. रघुबीर श्रीवास्तव, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. आरएन मिश्रा, वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. विष्णु कुमार आदि थे।