हिंसा में शामिल 40 संदिग्धों का पोस्टर जारी किया गया
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कानपुर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुए दंगे के तार लखनऊ से जुड़े हैं। इसकी साजिश राजधानी के एक यूट्यूब चैनल के कार्यालय में रची गई थी। इसके कई प्रमाण पुलिस को मिले है। इसी चैनल के कार्यालय से दंगे का मुख्य आरोपी व मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी को तीन साथियों संग गिरफ्तार किया गया था। इसमें चैनल का साझीदार भी शामिल है। दंगे की रात सभी आरोपी इसी चैनल के कार्यालय में छिपे थे।
कानपुर दंगे का मुख्य आरोपी हयात जफर हाशमी सहयोगी जावेद अहमद खान के माध्यम से एवीपी 24 (एशियन वॉइस पोस्ट) यूट्यूब चैनल से जुड़ा था। इस चैनल में सुल्तान सिद्दीकी, इमरान व जावेद अहमद साझीदार हैं। सुल्तान का सबसे अधिक शेयर है। चैनल का कार्यालय कैसरबाग थानाक्षेत्र के बेगम हजरत महल पार्क के सामने पांडेय कॉम्पलेक्स में है। सूत्रों के मुताबिक हाशमी इसी चैनल के जरिये अपनी एमएमए जौहर फैंस एसोसिएशन का प्रचार-प्रसार करता था।
योजना बनाने के बाद कानपुर गया था मास्टर माइंड
राजधानी के एक निजी यूट्यूब चैनल कार्यालय बैठकर दंगे की योजना बनाई। वहीं 3 जून को कानपुर में हिंसा भड़काने के लिए भी उसने इसी प्लेटफॉर्म का प्रयोग किया था। यहां से सारे इंतजाम करने के बाद वह कानपुर गया था। जहां दंगा भड़काने के बाद रात को अपने सहयोगी जावेद व दंगे के आरोपी मोहम्म राहिल, मो. सुफियान के साथ लखनऊ वापस आ गया। लखनऊ पहुंचने के बाद वह यूट्यूब चैनल के कार्यालय में जाकर छिप गया। उसे भरोसा था कि पुलिस चैनल के कार्यालय में नहीं दाखिल होगी। कानपुर पुलिस की सर्विलांस टीम ने चारो आरोपियों की लोकेशन निकाली। इसके बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक इस चैनल के साझीदारों, काम करने वालों सहित हाशमी के करीबियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस काम में लखनऊ की खुफिया विंग लगी है। खुफिया विंग की रिपोर्ट आने के बाद और भी गिरफ्तारी संभव है।
कुछ देर रुकने की बात कह तीन दोस्तों के साथ पहुंचा
सुल्तान के मुताबिक शुक्रवार रात को उसका साझीदार जावेद कार्यालय पहुंचा। उसने सुल्तान को बताया कि कार्यालय में कुछ देर रुकना है। उसके साथ तीन दोस्त थे। जावेद ने इस मामले में तीसरे साझीदार इमरान को कॉल कर बात भी की थी। लेकिन रात में कार्यालय में रुक गये। सुल्तान के मुताबिक उसे यह नहीं पता था कि जो लोग जावेद के साथ आये हैं वहीं कानपुर दंगे साजिश कर्ता हैं। हालांकि सुल्तान के इस बात को पुलिस दरकिनार कर रही है। पुलिस के मुताबिक यह सभी सुल्तान से दंगे केआरोप से कैसे बचा जाए। इसके लिए कानूनी दांव पेंच के बारे में चर्चा कर रहे थे।