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कैब से सवारी करने वालों के लिए जानकारी, नहीं चलेंगी टैक्सियां, ये रही वजह

Tue, 02 Oct 2018 02:02 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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लखनऊ में चल रहीं करीब आठ हजार ओला, उबर की टैक्सियां मंगलवार से थम जाएंगी। किराया बढ़ाने की मांग को लेकर कैब ओनर्स, चालक वेलफेयर समिति ने बेमियादी हड़ताल की घोषणा कर दी है।
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इससे इन टैक्सियों में सफर करने वाले हजारों नागरिकों को दिक्कत हो सकती है। खासतौर से एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन आने जाने वालों, लेट नाइट ऑफिस से लौटने वालों के लिए सीमित संसाधन रह जाएंगे। 

समिति का कहना है जब तक किराया नहीं बढ़ेगा ओला व उबर सहित अन्य प्राइवेट कंपनियों की टैक्सियां नहीं चलेंगी। इस हड़ताल का फैसला पदाधिकारियों ने सोमवार शाम हुई बैठक में संयुक्त रूप से लिया है।
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समिति के पदाधिकारियों आरके पांडेय, जुबैर अहमद और मुकेश सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि सोमवार को ही ओला एवं उबर कंपनियों के प्रबंधन को हड़ताल का नोटिस दे दिया गया है। 
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मांगों के समर्थन में करेंगे प्रदर्शन

डेमो - फोटो : डेमो
इसमें समिति ने अपनी सभी मांगों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि एक हफ्ते के भीतर सीएनजी पांच रुपये प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है, लेकिन यात्री किराया नहीं बढ़ाया गया है। इसका सारा भार टैक्सी संचालक सह रहे हैं और उन्हें घाटा हो रहा है। 

समिति की प्रमुख मांगों में यात्री किराया 20 रुपये प्रति किमी करना शामिल हैं। साथ ही चालकों का कमीशन 10 से बढ़ाकर 20 फीसदी करने की मांग की गई है। चालकों को 12 घंटे काम करने पर 2,000 रुपये का बिजनेस देने की गारंटी भी कंपनियों से मांगी गई है।

समिति ने टैक्सी की बुकिंग केवाईसी पर भी आपत्ति जताते हुए कहा है कि रेडियो टैक्सी का ऑल इंडिया परमिट होना चाहिए। नेताओं ने बताया कि हड़ताल के दौरान समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी गोमतीनगर में मांगों के  समर्थन में प्रदर्शन करेंगे। 
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परिवहन विभाग का रेट लागू करें

- फोटो : डेमो
समिति के अनुसार टैक्सियों के लिए कंपनियों द्वारा फिलहाल औसतन छह, आठ व 10 रुपये प्रति किमी की दर निर्धारित की गई है। इस वर्गीकरण को भी खत्म करने की मांग टैक्सी चालक व संचालक कर रहे हैं।

इसकी जगह परिवहन विभाग द्वारा साल 2013 में एसी टैक्सियों के लिए निर्धारित किया गया 20 रुपये प्रति किमी किराया लागू किया जाना चाहिए। इसकी वजह समिति ने 2013 के मुकाबले आज सीएनजी रेट बहुत अधिक बढ़ जाना भी बताया है।  
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