पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और सातवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करने समेत अन्य कई मांगों को लेकर 18 लाख से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
यह हड़ताल केंद्रीय श्रम संगठनों, औद्योगिक फेडरेशन व कर्मचारी संगठनों के आह्वान को प्रदेश के करीब 250 कर्मचारी संगठनों ने समर्थन देने की घोषणा की है।
हड़ताल के तहत सभी राज्य कर्मचारी दिन भर कार्यबहिष्कार कर अपना विरोध जताएंगे। हड़ताल की सफलता के लिए सभी कर्मचारी संगठन गुरुवार अपने-अपने स्तर से तैयारी में जुटे रहे।
'कार्य बहिष्कार कर बुलंद करेंगे अपनी आवाज'
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी व कार्यकारी अध्यक्ष भूपेश अवस्थी ने बताया कि परिषद से संबद्ध सभी संगठनों के अलावा निकाय व निगमों के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है।
तिवारी ने बताया कि हड़ताल में प्रदेश के करीब 18 लाख से अधिक राज्य कर्मचारी और 250 से अधिक कर्मचारी संगठन भी कार्य बहिष्कार कर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने बताया कि 2 सितंबर को सुबह 11 बजे हजरतगंज चौराहे पर सभी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी एकत्र होंगे।
प्रांतीय बाल विकास परियोजना अधिकारी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष एके पांडेय ने कहा है कि सीडीपीओ का वेतन भी बीडीओ के बराबर करने समेत कई मांगों का निस्तारण नहीं होने से उनका संगठन भी हड़ताल में शामिल होगा।
ये है प्रमुख मांगे
- पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाए
- राष्ट्रीय वेतन नीति बनाते हुए केंद्र एवं राज्य कर्मचारियों को एक समान वेतन-भत्ता मिले
- सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों की विसंगतियां दूर हों
- सरकारी विभागों में ठेकेदारी प्रथा बंदकर नियमित कर्मचारियों की भर्ती करने
जवाहर-इंदिरा भवन के कर्मचारियों की हड़ताल 20 को
जवाहर-इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ की गुरुवार को हुई बैठक में कर्मचारी-शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा 20 सितंबर को घोषित हड़ताल को समर्थन देने का फैसला किया गया है। महासंघ के महामंत्री सुशील कुमार बच्चा ने बताया कि 20 को दोनों भवनों के 72 कार्यालयों के कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहेंगे।