लखनऊ। रिकॉर्ड कक्ष में वकील द्वारा कर्मचारी के साथ की गई मारपीट के बाद आंदोलित कलेक्ट्रेट कर्मियों ने बृहस्पतिवार को डीएम के साथ हुई बातचीत में सहमति न बन पाने से हड़ताल जारी रखने का एलान किया है। कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन मारपीट के आरोपी पर प्रशासन की तरफ से केस दर्ज कराने या लिखित माफीनामा दिए जाने की मांग पर अड़ा है। दूसरे दिन भी कलेक्ट्रेट सहित पांचों तहसीलों में प्रशासनिक कामकाज ठप रहा। राजस्व कोर्ट कक्षों में वादों की सुनवाई नहीं हुई वहीं तहसीलों में लेखपाल संघ के समर्थन में आने से जाति, आय निवास, हैसियत व जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र से जुड़ी सत्यापन रिपोर्ट न लग पाने से एक हजार से अधिक आवेदनों का निस्तारण भी अटका रहा।
यूपी मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह व महामंत्री निशिल किशोर ने बताया कि डीएम कौशल राज शर्मा ने आंदोलित कर्मियों को सुबह साढ़े नौ बजे वार्ता को बुलाया था लेकिन अचानक राजभवन चले जाने के कारण कर्मचारी नेताओं से बातचीत दोपहर डेढ़ बजे शुरू हो पाई। बातचीत में अन्य मांगों पर तो प्रशासन का काफी सकारात्मक रहा लेकिन मारपीट के आरोपी वकील के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराने पर सहमति नहीं बनी।
अस्थायी पुलिस चौकी का संचालन शुरू
प्रशासन ने बृहस्पतिवार से कलेक्ट्रेट परिसर में एक अस्थायी पुलिस चौकी का संचालन शुरू करा दिया है। एडीएम सिटी पश्चिम व प्रभारी नजारत संतोष कुमार वैश्य ने बताया, अस्थायी पुलिस चौकी पर सुबह 10 बजे शाम पांच बजे तक एक दरोगा व चार सिपाही मौजूद रहेंगे।