फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवप्रवेशितों के छात्रावासों में सीनियर्स का प्रवेश प्रतिबंधित

विज्ञापन
विज्ञापन
सख्ती का दावा, मगर नए छात्रों से रैगिंग संबंधी शपथ-पत्र लेना भूले
विज्ञापन

एलयू में नवप्रवेशित छात्रों से शपथ-पत्र भरवाने का है नियम
प्रशासन के निर्देश पर रैगिंग रोकने को लेकर बनाए नियम, अब हॉस्टल में आने-जाने का निर्धारित होगा समय
लखनऊ विश्वविद्यालय रैगिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहा। विवि में स्नातक-परास्नातक प्रथम वर्ष की प्रवेश संबंधी प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस वर्ष छात्रों या उनके अभिभावकों से रैगिंग में शामिल न होने संबंधी कोई शपथ पत्र नहीं लिया। जबकि बृहस्पतिवार को विवि प्रशासन ने अपर जिलाधिकारी (ट्रांस गोमती) से मिले निर्देशों का हवाला देते हुए रैगिंग को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जरूर जारी किए हैं।
इसमें कहा गया है कि विवि में पढ़ रहे छात्रों व उनके अभिभावकों से प्रवेश के समय यह शपथ पत्र लिया जाए कि पढ़ाई के दौरान इस तरह की घटना में शामिल नहीं होंगे। जबकि अब तक सभी कक्षाओं में प्रवेश हो चुके हैं। विवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने कहा कि प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा ने बताया है कि नवप्रवेशितों से प्रवेश के समय यह शपथ पत्र नहीं लिया गया है। हालांकि आगे इस पर कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी तरफ प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि जिन छात्रावासों को नवप्रवेशित विद्यार्थियों को आवंटित किया गया है, वहां सीनियर्स का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही छात्रावासों में विद्यार्थियों के आने-जाने का समय निर्धारित किया जाएगा। अगर प्रथम वर्ष के विद्यार्थी बिना किसी सूचना के लंबे समय तक अनुपस्थित रहते हैं तो इसकी जानकारी उनके अभिभावकों को दी जाएगी।
विज्ञापन

उन्होंने कहा है कि नवप्रवेशित विद्यार्थियों के छात्रावास में अगर कोई वरिष्ठ छात्र अकारण घूमता मिला तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। छात्रावास से संबंधित अधिकारी प्रतिदिन छात्रावास में विद्यार्थियों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसका कड़ाई से पालन कराएं।
विज्ञापन

उन्होंने सभी डीन व विभागाध्यक्षों से कहा है कि वे वरिष्ठ छात्रों को रैगिंग रोकने के लिए विभागीय समिति में शामिल कर उनका दायित्व तय करें। हर संकाय व विभाग में एक शिकायत पेटिका रखवाई जाए, जिससे छात्र अपनी शिकायत बिना पहचान के भी डाल सकें। निर्धारित समय में इन समस्याओं का समाधान कराया जाए। साथ ही संकाय व विभाग स्तर पर रैगिंग रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। रैगिंग में संलिप्त होने वाले विद्यार्थी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें