अवध बस डिपो के कर्मचारियों की मंगलवार को शुरू हुई हड़ताल बुधवार की देर रात नाटकीय ढंग से समाप्त हो गई।
इससे पहले परिवहन निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई।
पहले दो चरण की वार्ता विफल होने के बाद परिवहन निगम एमडी ने चार कर्मचारी नेताओं से सहित आठ कर्मचारियों की बर्खास्तगी का आदेश दे दिया।
इसके बाद परिवहन निगम के सभी कर्मचारी संगठनों ने एकजुट हो बृहस्पतिवार से हड़ताल का ऐलान कर दिया।
बैकफुट पर आए परिवहन निगम प्रशासन ने कर्मचारियों की बर्खास्तगी का आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने भी हड़ताल समाप्त कर दी।
महिला यात्री को बस में न बैठाने के आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में अवध डिपो की बसें दूसरे दिन बुधवार को भी खड़ी रहीं।
फिल्म नायक की तरह एक बस ड्राइवर और यात्री के बीच उपजा विवाद सैकड़ों लोगों पर भारी पड़ा। हड़ताल के कारण दिन में एक भी बस का संचालन नहीं हो सका।
वहीं परिवहन निगम और रोडवेज कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के बीच शाम को हुई वार्ता विफल हो गई और विरोध का सुर उठाने वाले चार कर्मचारी नेताओं सहित आठ कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के आदेश परिवहन निगम के एमडी मुकेश मेश्राम ने दे दिए।
इसके चलते मामले ने और तूल पकड़ लिया। निगम के सभी छह कर्मचारी संगठन एक हो गए और बृहस्पतिवार मध्यम रात्रि से लखनऊ मंडल के सभी डिपो में हड़ताल की घोषणा कर दी थी।