‘आखिर मेरा कसूर क्या था? उसने मेरे चेहरे को तेजाब से क्यों जला दिया।
क्या मेरा कसूर सिर्फ इतना था कि मैंने उसे मना करा दिया।’
तेजाब डालने की
घटनाओं के खिलाफ राजधानी में ‘स्टॉप एसिड अटैक’ अभियान से जुड़ी युवाओं की
टीम ने ‘आवाज उठाओ’ नुक्कड़ नाटक से अभियान की शुरुआत की।
विश्व महिला दिवस
की पूर्व संध्या पर अभियान की शुरुआत के साथ ‘आवाज उठाओ’ की टीम ने चारबाग
स्टेशन, फन रिपब्लिक मॉल और हजरतगंज में नुक्कड़ नाटक किए।
नुक्कड़ नाटक
के जरिये युवाओं ने समाज में फैली बुराई को दिखाने का प्रयास किया।
फन
रिपब्लिक मॉल में नुक्कड़ नाटक का निर्देशन कर रहे प्रभांशु तिवारी ने
किया। नाटक में शैलजा, मुदित, आकाश, हिमांशु, रितिका, निधि, उत्कर्ष,
क्षितिज और अक्षत ने अभिनय कर सोए समाज को जगाने का काम किया।
‘आवाज उठाओ’
अभियान की अगुवाई कर रहे युवा आजाद पांडेय ने बताया कि एसिड अटैक के साथ हम
महिलाओं के खिलाफ हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
लखनऊ के साथ
अभी यह अभियान कानपुर, गोरखपुर और जबलपुर में चलेगा।
इसके बाद इसे दूसरे
हिस्सों में ले जाया जाएगा। आजाद पांडेय के साथ इसमें शशांक मिश्रा,
कृष्णकांत उपाध्याय, शालू अवस्थी, अजिता सिंह और श्रुति सिंह शामिल हैं।