पुलिस महकमे के एक आला अफसर शीर्ष पद पर नजर गड़ाए बैठे हैं। हाल ही में वह भी इस पद की दावेदारी की दौड़ में शामिल हुए हैं, लेकिन उनके पास ऐसी पैरोकारी नहीं है, जिसके दम पर वह दावेदारी को ऊपर तक पहुंचा सकें।
इसका उन्होंने दूसरा रास्ता निकाल लिया है। वह ऐसे कार्यक्रमों और बैठकों में शिरकत करने लगे हैं, जिसकी चर्चा ऊपर तक हो। पुलिस महकमे को लेकर सरकार की विभिन्न योजनाओं में वह अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं।
उनकी इस सक्रियता को देख कर अब उनके साथ के अफसर भी चर्चा करने लगे हैं कि चलो एक दावेदारी और बढ़ी।
पिछले दिनों इन आला अफसर ने पंचम तल के भी चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें किसी ने भाव नहीं दिया।
इसके बाद से वे अपने विभाग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी का दामन पकड़ कर चलने लगे हैं। शायद ये ही बेड़ा पार करा दें।