मैंने कॉलेज में फीस जमा की थी, लेकिन सिस्टम में फीस पेंडिंग दिखा रही थी। कई बार सही करवाने का प्रयास किया, पर कुछ नहीं हो पाया। मुझे प्रैक्टिकल, एग्जाम देने से रोक दिया गया। मेरे दोस्त पता नहीं क्या-क्या सोचेंगे? जिंदगी से परेशान होकर ऐसा काम करने जा रहा हूं, सभी लोग मुझे माफ करना।
इंस्पेक्टर ने बताया कि छानबीन में के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। शुभम के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। सुसाइड नोट को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है।
शुभम के आत्महत्या करने की खबर मिलते ही काफी संख्या में छात्र हॉस्टल के बाहर जमा हो गए और प्रबंधन का विरोध करने लगे। हॉस्टल वार्डन और अन्य अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया। छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, समर्पण ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आरएस दुबे का कहना है कि शुभम की फीस जमा थी। नो ड्यूस प्रक्रिया के लिए लेखा विभाग ने रसीद मांगी थी। छात्र रसीद लेने के लिए हॉस्टल गया। शायद इसी कारण वह मानसिक दबाव में आ गया और यह कदम उठा लिया। प्रबंधन घटना को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है। जांच में लेखा कार्यालय या किसी अन्य कर्मचारी की कोई गलती, लापरवाही या अमानवीयता सामने आती है तो उसे तत्काल बर्खास्त किया जाएगा।