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Lucknow News: घंटों लाइन में रहे खड़े, मिली एक बोरी डीएपी

Tue, 19 Nov 2024 01:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति छतोह में डीएपी के लिए इंतजार करते किसान। - फोटो : संवाद
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रायबरेली। खाद की किल्लत से परेशान किसानों को डीएपी के लिए 12 घंटे तक लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। सोमवार को तीन स्थानों पर करीब 700 किसानों को एक-एक बोरी ही डीएपी दी गई। इससे सामान्य व बड़े जोत वाले किसान कम खाद देने को लेकर आक्रोशित रहे।
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कई किसान सुबह छह से शाम छह बजे तक लाइन में खड़े रहे पर डीएपी नहीं मिल सकी। ऐसे में वे मायूस होकर लौट गए। डीएपी के लिए सोमवार को नसीराबाद, सरेनी और खीरों में भीड़ उमड़ी। इन सहकारी समितियों में 500-500 बोरी खाद बंटने के लिए आई थी। सुबह छह बजे से किसानों की लाइन सहकारी केंद्रों के बाहर लग गई। जब खाद वितरण शुरू हुआ तो खाद के साथ नैनो यूरिया की बोतल थमाए जाने से किसान आक्रोशित नजर आए। लेकिन खाद के कारण किसानों को नैनो यूरिया लेनी पड़ी।

सरेनी में महिला किसानों की भीड़ सबसे अधिक रही। वह खाद के लिए सुबह से ही सारा कामकाज छोड़कर समिति पर पहुंचीं। इसी तरह खीरों में पुलिस की निगरानी में खाद का वितरण किया। तीनों जगहों पर 700 बोरी खाद की वितरण किया गया। उधर, साधन सहकारी समिति डीह में डीएपी न आने पर किसानों को सचिव वीर बहादुर सिंह ने एपीएस खाद का वितरण किया।
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किसानों को 1200 रुपये प्रति बोरी की दर से एपीएस खाद दी गई। सचिव ने बताया कि 50 किसानों को खाद का वितरण किया गया। किसान रामेश्वर ने बताया कि खेतों की बोआई के लिए डीएपी नहीं मिल रही है, जिसके चलते एपीएस खाद खरीद कर बोआई की जाएगी।

छतोह में सुबह छह बजे से लग गई लाइन
नसीराबाद (रायबरेली)। विकासखंड छतोह की साधन सहकारी समिति छतोह में दो माह बाद डीएपी खाद आने पर किसान सोमवार सुबह 6 बजे से ही लाइन में आकर खड़े हो गए। सुबह 10:18 बजे सचिव संजय तिवारी पहुंचे। जबकि 10:20 बजे खाद का हिसाब किताब रखने वाले (आंकिक) प्रमोद तिवारी पहुंचे। इसके बाद 10:30 बजे 112 किसानों को टोकन दिया गया। जैसे ही खाद का वितरण शुरू हुआ तो 11:30 बजे मशीन का तार खराब हो गया। इस कारण वितरण बंद कर दिया गया।

किसान लाइन में लगे रहे और अव्यवस्था को कोसने पर मजबूर हुए। इसके बाद दोपहर 12 बजे से फिर किसानों को डीएपी का वितरण किया गया। किसानों को जब खाद के साथ नैनो यूरिया की बोतल लेना जरूरी बताया गया तो कुछ किसान भड़क गए। साफ कहा गया कि निर्देश के चलते नैनो यूरिया की बोतल लेनी होगी।

जब किसानों ने हंगामा शुरू किया तो सचिव ने नोटिस भी चस्पा कर दिया। बताया जाता है कि एक बोरी डीएपी के साथ एक बोतल 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया व दो बोरी डीएपी के साथ एक बोतल 500 मिलीलीटर नैनो डीएपी लेना अनिवार्य किया गया है। सचिव संजय तिवारी ने बताया कि 500 बोरी डीएपी आई थी। 200 बोरी का वितरण किया गया है।

ढाई सौ किसानों को बांटी 500 बोरी खाद
सरेनी (रायबरेली)। साधन सहकारी समिति मूसापुर में सोमवार को किसानों की भीड़ टूट पड़ी। खास बात रही कि महिलाएं लाइन में खड़े होकर खाद की खरीद के लिए केंद्र पहुंचीं। किसानों की संख्या अधिक होने के कारण महिला और पुरुषों की अलग-अलग लाइन लगवाई गई। सचिव धीरेंद्र सिंह ने बताया कि सोमवार को 250 किसानों को 500 बोरी डीएपी खाद दी गई है। कई किसान समिति कार्यालय में देर से पहुंचे उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।

पुलिस की देखरेख में बांटी गई खाद
खीरों ब्लॉक के साधन सहकारी समिति सुरजीपुर गुमानखेड़ा में रविवार शाम 500 बोरी डीएपी पहुंची। डीएपी लेने के लिए सोमवार सुबह से ही किसानों की भीड़ जुट गई। पुलिस को बुलाकर दोपहर 12 बजे से खाद वितरण शुरू किया गया। खाद के लिए किसानों में मारामारी रही। किसान मनीष कुमार, राकेश कुमार, रमेश कुमार आदि का कहना है कि सुबह 9 बजे से समिति में लाइन लगाकर डीएपी लेने का इंतजार करता रहा, लेकिन खाद नहीं मिली। सुरजीपुर गुमानखेड़ा समिति के सचिव शत्रोहन यादव ने बताया कि सुबह 11 बजे से किसानों को खाद वितरित करना शुरू कर दिया गया था। जिसमें पहले सदस्यों को खाद वितरित की गई। करीब 250 बोरी खाद का वितरण किया गया।

खाद की दिक्कत नहीं
खाद की दिक्कत नहीं है। डीएपी की खेप साधन सहकारी समितियों में पहुंच रही है। नैनौ यूरिया के लिए जिले को लक्ष्य मिला है। किसान नैनो यूरिया को लेकर जागरूक हो सके, इस कारण खाद की एक बोरी के साथ नैनो यूरिया की बोतल दी जा रही है।
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- अखिलेश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी
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