बवाल के बाद निरीक्षण करते पुलिसकर्मी।
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रमजान माह में अलविदा की नमाज अदा करने के लिए हुजूरपुर के कटका गांव में नमाजियों की भीड़ मस्जिद पर पहुंचनी शुरू हो गई। मौके पर तैनात दो सिपाहियों ने सभी का नाम पूछने और मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इससे भड़के नमाजियों व महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। पत्थर लगने से दो सिपाही घायल हो गए।
घटना की जानकारी होते ही चार थानों की फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई। एसपी ने निरीक्षण करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने नौ नमाजियों और छह महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने एक नामजद व 12 अज्ञात के खिलाफ महामारी अधिनियम व सेवेन क्रिमिनल लॉ एक्ट समेत 14 धाराओं में केस दर्ज किया है। दस लोगों को गिरफ्तार कर शांतिभंग में जेल भी भेजा गया है।
रमजान माह के अंतिम शुक्रवार को अलविदा की नमाज होनी थी। अलविदा की नमाज समाजसेवियों व उलमाओं द्वारा लोगों से लॉकडाउन को देखते हुए मस्जिद की जगह घर से अदा करने की अपील की गई थी। इसके बावजूद प्रशासन सतर्कता बरत रहा था। हुजूरपुर थाना क्षेत्र के कटका गांव स्थित छोकर मस्जिद पर सिपाही रामप्रवेश और विनय कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। दोनों वहां पर खड़े थे। इसी बीच गांव से 30 से 35 की संख्या में नमाजियों का झुंड आता दिखा। झुंड को रोकते हुए पुलिस कर्मियों ने सभी के नाम पूछने के साथ मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसे देखकर सभी लोग भड़क उठे।
पुलिस कर्मियों के विरोध करने पर नमाजियों व महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दोनों सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए। सिपाहियों की सूचना पर हुजूरपुर, रानीपुर, कैसरगंज व पयागपुर थाने की पुलिस के साथ एएसपी नगर अजय प्रताप व सीओ जंग बहादुर यादव मौके पर पहुंच गए। एसपी विपिन कुमार मिश्रा ने भी गांव का निरीक्षण किया। एसपी ने बताया कि मौके से नौ नमाजियों व छह महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। इसके बाद दस लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सभी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है।