लखनऊ। कोरोना महामारी के चलते बंद चल रही कोर्ट शुक्रवार से खुलेंगी। हालांकि कोर्ट के खुलने पर केवल जमानत अर्जी समेत आवश्यक कार्य ही होंगे और सीमित संख्या में न्यायिक अधिकारी और वकील कार्य करेंगे। वहीं कोर्ट परिसर में वही अधिवक्ता प्रवेश पा सकेंगे जिनके मामलों की सुनवाई लगी होगी। जिला जज अनिल कुमार ओझा, एडीजे हरेंद्र बहादुर, अविनाश सक्सेना और सीजेएम शिवानंद ने बृहस्पतिवार को बैठक की जिसके बाद जिला जज ने शुक्रवार से अदालतें खोलने और सीमित कार्य करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी किया। इस आदेश में कहा गया की पहले से लंबित और नई जमानत अर्जी, लंबित और नई अग्रिम जमानत की अर्जी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिमांड और अन्य न्यायिक कार्य, ऐसे आदेश जिनमें पहले ही बहस हो चुकी हो और पुलिस द्वारा वारंट, कलमबंद बयान दर्ज कराने की अर्जी की सुनवाई के साथ ही ऑफिस के कार्य ही किए जाएंगे। कहा गया कि पुराने लंबित जमानत अर्जी को लिपिक तय अधिकारी के सामने पेश करेगा जबकि नए जमानत अर्जी को जिला जज के ई-मेल lucknowdistrictjudge@gmail.com के जरिए फाइल किया जाएगा। जिसे दर्ज करके सुनवाई की तारीख तय की जाएगी और सुनवाई की तय तारीख पर केवल वकील ही हाजिर होंगे और सुनवाई के तुरंत बाद परिसर से बाहर चले जाएंगे।