परिवहन विभाग ने दावा किया था कि ट्रांसपोर्ट नगर में जब आधुनिक वाहन फिटनेस सेंटर चालू हो जाएगा तो कॉमर्शियल वाहन की फिटनेस जांच आसान होगी और कोई सुविधा शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। लेकिन जब से यह फिटनेस सेंटर चालू हुआ है तभी से एक सिंडीकेट यहां उगाही के लिए सक्रिय है।
सिंडीकेट के दलाल खुलेआम ऐसे ऑटो का 2500 रुपये में फिटनेस कराने का ठेका ले रहे हैं, जिसमें स्पीडोमीटर तक नहीं हैं। ऐसे सर्वाधिक ऑटो बीएन व सीएन सीरीज के हैं, जो 10 साल से अधिक का वक्त से सवारी ढो रहे हैं। ये दलाल कबाड़ से पुराना स्पीडोमीटर लगाकर ऑटो की फिटनेस कराकर फिर निकाल लेते हैं।
इस खेल का खुलासा ‘अमर उजाला’ के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ। इस सिंडीकेट का सरगना आरटीओ में दो दशक से दलाली में लिप्त है, जो घटिया स्पीड गवर्नर बेचने का कारनामा कर रहा है।
मोटी रकम लेकर वाहनों की फिटनेस कराने के खेल का खुलासा
फिटनेस सेंटर पर मोटी रकम लेकर वाहनों की फिटनेस कराने के खेल का खुलासा करने के लिए सिंडीकेट के दलाल से मीडिया कर्मी ने ऑटो मालिक बन कर बात की तो दलाली के खेल की पोल खुली।
रिपोर्टर : हैलो... रामू भाई बोल रहे हैं।
दलाल : हां, रामू बोल रहा हूं।
रिपोर्टर : आपका नंबर चौक के बबलू भाई ने दिया था।
दलाल : बताइए, क्या काम है।
रिपोर्टर : ऑटो की फिटनेस करानी है।
दलाल : अभी कहां हैं, आरटीओ आ जाइए।
रिपोर्टर : चौक से आने में वक्त लगेगा।
दलाल : तो आराम से आना, हम रात 7-8 बजे तक मिलेंगे, दिक्कत क्या है।
रिपोर्टर : ऑटो में स्पीडोमीटर नहीं है।
दलाल : कबाड़ से खरीद कर लगा लो, 50 रुपये में आप दिला देंगे।
रिपोर्टर : क्या गाड़ी बिल्कुल फिट होनी चाहिए।
दलाल : वाइपर चलना चाहिए और लाइट जलती हो।
रिपोर्टर : पैसे कितने पड़ेंगे
दलाल : टोटल 2500 रुपये पड़ेंगे।
कर्मचारियों के व्हॉट्सएप की हो जांच
लखनऊ ऑटो चालक व ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर वर्मा ‘पहलवान’ ने परिवहन मंत्री से मांग की है कि सेंटर पर फिटनेस से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी के व्हॉट्सएप पर आने वाले संदेश की जांच हो। दलाल और वाहन मालिक के बीच जब फिटनेस कराने की सौदेबाजी हो जाती है तो वाहन का ब्योरा सेंटर के जिम्मेदारों के मोबाइल पर वाट्सएप के जरिये भेज दिया जाता है।
घूस के रेट
छोटे वाहन
2500-4000 रुपये
बड़े वाहन
3500-5000 रुपये
फिटनेस शुल्क
छोटे वाहन
800 रुपये
बड़े वाहन
1200 रुपये
दलालों के फिटनेस ठेके की होगी जांच
फिटनेस सेंटर के दलालों के द्वारा मोटी रकम लेकर वाहन की फिटनेस कराने का ठेेका लेने वालों की जांच कराएंगे। इसके लिए उच्च अफसरों को पत्र भेजेंगे। ऐसा हो सकता है कि दलालोें से सेंटर के कर्मियों की साठगांठ हो, जिससे वह फिटनेस कराने के ठेके ले रहे हैं। - संजय तिवारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आरटीओ