जांच में पता चला कि अब्बास ने जिला प्रशासन की अनुमति और स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बगैर अपना शस्त्र लाइसेंस दिल्ली स्थानांतरित करा लिया। दिल्ली में उसने राष्ट्रीय स्तर का निशानेबाज होने के आधार पर उक्त लाइसेंस पर चार और असलहे खरीद लिए।
पुलिस का कहना था कि एक ही शस्त्र दो प्रदेशों में अलग-अलग शस्त्र लाइसेंस व अलग-अलग यूआईडी पर एक साथ अंकित होना शस्त्र अधिनियम का उल्लंघन है।