लखनऊ में बाट माप विभाग को सूचना मिली थी कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल डालने वाली मशीन के सॉफ्टवेयर की टेंपरिंग कर तेल चोरी का खेल चल रहा है। इस पर टीम हापुड़ के एक पेट्रोल पंप पर पहुंची। पेट्रोल पंप मालिक को साथ लेकर टीम ने गिरोह के सदस्यों को बुलाया।
पेट्रोल पंप मालिक ने कहा कि टीम के लोग भी पेट्रोल पंप के मालिक हैं और सॉफ्टवेयर खरीदना चाहते हैं। गिरोह के सदस्यों ने पेट्रोल पंप पर टीम के सामने इसका डेमो दिया, जिसके बाद दोनों इंजीनियर पकड़े गए।
लखनऊ में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, इंडियन आयल के 202 पेट्रोल पंप हैं। 27 अप्रैल 2016 को एसटीएफ ने पेट्रोल पंपों पर चिप लगाकर घटतौली का मामला उजागर किया था। लखनऊ में घटतौली के आरोप में 51 पंपों को बंद करवा दिया था। इनमें से 27 आईओसीएल, 12 एचपीसीएल, 10 बीपीसीएल और 2 एस्सार कंपनी के थे।
इनमें से कुछ पेट्रोल पंप मालिकों का मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। सूत्रों के मुताबिक, एक माह से अधिक समय से जांच अभियान बंद होने से पंप की मशीनों में इलेक्ट्रॉनिक चिप लगा दी गई हैं, जो रिमोट से ऑपरेट की जा रही हैं। एक लीटर में 100 मिली. तक तेल कम दिया जा रहा है।
लखनऊ में घटतौली के आरोप में दो साल पहले तेल कंपनियों एवं बाट माप विभाग ने संयुक्त रूप से 43 पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराया था। इसके बाद लखनऊ में 20 पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं।
घटतौली की जांच शुरू
तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक एके गंजू का कहना है कि आईओसी की तरफ से आईटी सेल, लीगल सेल व अधिकारियों की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा राजधानी लखनऊ व आसपास के जिलों में भी जांच की जा रही है। संदेह होने पर छापेमारी भी होगी। आरोपियों के खिलाफ कंपनी कार्रवाई करेगी।