संगठित अपराध व अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही एसटीएफ की निगाह में विभिन्न कारागारों में बंद कई ऐसे शातिर अपराधी हैं, जो जेल से ही अपनी आपराधिक गतिविधियां चला रहे हैं। एसटीएफ ऐसे गिरोह के सदस्यों को चिह्नित करने में जुटी है।
एसटीएफ ने यह कवायद पिछले दिनों आजमगढ़ से भाड़े के दो कातिलों को गिरफ्तार करने के बाद शुरू की।
आजमगढ़ में पकड़े गए शूटर राकेश सरोज और रोहन रावत ने पूछताछ में एसटीएफ के अधिकारियों को बताया था कि उन्हें आजमगढ़ जेल में बंद कुख्यात बदमाश राजन पासी ने हत्या की सुपारी दी थी।
ऐसे ही कुछ और मामलों में भी एसटीएफ को यह जानकारी मिली है कि जेल में बंद अपराधी अपने गुर्गों के जरिये आपराधिक वारदात करवा रहे हैं।
इसी तरह पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों से व्यापारियों से वसूली होने की जानकारी भी एसटीएफ को है। उसके अफसरों ने इसके लिए लखनऊ मुख्यालय के अधिकारियों के अलावा पूर्वांचल में वाराणसी इकाई के साथ ही पश्चिमी इकाई को भी सक्रिय कर दिया है।
एसटीएफ ने इसके लिए जिलों के पुलिस कप्तानों से भी संपर्क किया है और उनसे कहा है कि जहां भी संगठित तरीके से अपराध किए जाने की जानकारी आ रही हो, उसकी सूचना एसटीएफ को भी दी जाए।