असलहे, एसयूवी, बाइक, सील खोलने वाली इलेक्ट्रिक मशीन, सील कटर, सील क्लंप, डाई सील के साथ चोरी के 20 मोबाइल फोन, 10 थैले, 10 जींस, 10 मोबाइल कवर, 10 टेंपर ग्लास व अन्य तमाम सामान बरामद किया।
मिलीभगत : माल लोड होने के समय गार्ड कराता चालक से डील
पुलिस ने पूछताछ के बाद बताया कि प्रभाष चंद्र ने कुबूला कि कंटेनर में माल लोड होते समय गार्ड फोन पर चालक से डीलिंग कराता था। प्रभाष अपने साथियों के साथ वेयर हाउस के गेट के पास एसयूवी लेकर कंटेनर निकलने का इंतजार करता था। चालक सुनसान स्थान पर कंटेनर रोकता और गिरोह के चार-पांच बदमाश सील तोड़कर उसमें सवार हो जाते थे।
रास्ते भर खंगालते बैग, फिर पत्थर-साबुन भर सील कर देते
इसके बाद चलते कंटेनर में बैग खंगालने का सिलसिला चलता था। बैग से मोबाइल व अन्य सामान चोरी करने के साथ बैग को फिर से सील कर देते थे। संकेत मिलने पर चालक फिर से सुनसान स्थान पर कंटेनर रोकता था। उस पर सवार बदमाश चुराया माल लेकर उतरते और कंटेनर को फिर से सील कर देते थे।
हत्थे चढ़े बदमाशों की पहचान अलीगढ़ के अतरौली थाने के लोहगढ़ निवासी प्रभाष चंद्र शर्मा उर्फ सोनू, नरेश सिंह, मैनपुरी के बेवर थाने के गांव जखा गढ़िया छिनकौरा निवासी शिवम दुबे उर्फ गोलू, हरदोई के कछौना थाने के चंदोईहार खजोना निवासी गिरजाशंकर पाल, बुलंदशहर के डिबाई थाने के जलालपुर सूरजपुर मखैना निवासी निशांत चौधरी, मथुरा के रिफाइनरी थाने के गांव लाडपुर बरारी निवासी राजू, उन्नाव के पुरवा थाने के हिम्मत खेड़ा निवासी रामबाबू के रूप में हुई।
गिरजाशंकर पहले अमेजन के वेयर हाउस में सिक्योरिटी गार्ड था। वह तालकटोरा के मुन्नी विहार आलमनगर में रह रहा था।
हत्थे चढ़े शिवम दुबे ने कुबूला कि इससे पहले 31 अगस्त 18 को अमेजन के वेयर हाउस से निकले कंटेनर की सील तोड़कर चोरी की थी। इसमें शामिल कपिल कुमार व पांच साथियों को कुछ दिनों बाद आगरा के कैंट थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह अभी जेल में हैं।
इससे पहले 37 लाख का माल चोरी होने पर श्री सेवा साल्यूशन के निदेशक सिद्धार्थ शंकर शुक्ला ने बंथरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद दूसरी चोरी की प्राथमिकी दर्ज होने पर एसटीएफ ने बदमाशों को धर दबोचा।
पूर्व सिक्योरिटी गार्ड गिरजाशंकर ने कुबूला कि चोरी का माल बिकने पर सभी को हिस्सा मिलता था। इसमें सिक्योरिटी ऑफिसर अमित राय की भी साझेदारी थी। एसटीएफ ने गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू की है। कॉल डिटेल व अन्य तरीके से साठगांठ के सुबूत एकत्र किए गए हैं।