एसटीएफ ने बृहस्पतिवार दोपहर लग्जरी वाहन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना जानकीपुरम के सरस्वतीपुरम निवासी राजू गोली को गोमतीनगर से दबोच लिया। राजू ने कुबूला कि उसने दो साल में 400 से ज्यादा लग्जरी कारें चोरी की हैं, जिसमें लखनऊ की 100 कारें शामिल हैं।
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छह महीने के दौरान वह दो बार एसटीएफ को चकमा देकर फरार हो चुका है। पूछताछ के बाद गिरोह के आठ बदमाशों को भी गिरफ्तार करके आठ लग्जरी कारें और 16 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गोमतीनगर में राजू गोली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
एसटीएफ के एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि राजू मूल रूप से आगरा के सदर बाजार शमशाबाद रोड स्थित शहीदनगर का रहने वाला है। उसे राजीव शर्मा, राजीव गोस्वामी, राहुल पांडेय, रवि तिवारी और बंटर नाम से भी जाना जाता है। उसके खिलाफ वाहन चोरी सहित अन्य कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।
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इस तरह पकड़े गए शातिर
बरामद की गईं लग्जरी गाड़ियां
- फोटो : amar ujala
पुलिस का दबाव पड़ने पर वह दो साल पहले परिवार सहित जानकीपुरम में मकान लेकर रहने लगा। बृहस्पतिवार को राजू गोली के चोरी की सफारी कार का सौदा करने के लिए गोमतीनगर आने की सूचना मिली थी।
स्थानीय पुलिस के साथ घेराबंदी करके उसे दबोच लिया गया। राजू के साथ उसका एक साथी राजस्थान के भरतपुर बयाना घाघरेन निवासी सुजान सिंह मीणा उर्फ गुट्या भी था।
ये बदमाश हुए गिरफ्तार
राजू के साथी दिल्ली के नीमसराय खानपुर गांव शिव पार्क निवासी व वर्तमान में एटा के जैथरा में रह रहे जितेंद्र गुप्ता उर्फ जीतू, नोएडा सेक्टर 49 के व वर्तमान में गोंडा के सोनबरसा में रह रहे नंदलाल उर्फ नंदू उर्फ एनडी, इटावा के जसवंतनगर निवासी सुबोध कुमार यादव, भरथना कुनैठी के नीरज, जसवंतनगर के नगलानरवल निवासी रामबरन सिंह, जसवंतनगर के ही सर्वेश यादव और फिरोजाबाद के रसूलपुर हाजीपुर में रहने वाले इकबाल को पकड़ा गया है।
पांच राज्यों में है गिरोह का नेटवर्क
पकड़े गए आरोपी
- फोटो : amar ujala
राजू के संबंध अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सरगना प्रदीप भदौरिया से हैं। चार मार्च को एसटीएफ ने प्रदीप को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद ही राजू गोली का नाम सामने आया। राजू का नेटवर्क दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में भी है।
पत्नी को भी गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
एएसपी ने बताया कि राजू गोली की पत्नी नेहा शर्मा को एसटीएफ बीती 12 जुलाई को गुडंबा से गिरफ्तार कर चुकी है। उस वक्त राजू अपने साथी ताहिर व जकारिया के साथ भाग निकला था।
गिरोह के बदमाश एलडीए कॉलोनी आशियाना के सेक्टर एच निवासी सत्यम गुप्ता उर्फ बांगड़ू, एल्डिको प्रथम निवासी धनेश्वर शुक्ला उर्फ राजू उर्फ टीकाराम व सरोजनीनगर आजादनगर निवासी सरफराज अहमद को एसटीएफ ने दबोच लिया था। तब एसटीएफ ने आठ लग्जरी कारें बरामद की थीं।
चोरी की कारों में डालते थे कंडम वाहन के इंजन-चेसिस नंबर
बरामद की गईं लग्जरी कारें
- फोटो : amar ujala
शातिर राजू कानपुर, मेरठ, गाजियाबाद व मुरादाबाद के कबाड़ियों और बीमा कंपनियों से दुर्घटना में कंडम वाहन खरीद लेता था। इसके बाद उसी कंपनी, मॉडल और मैन्युफैक्चरिंग के वाहन चोरी करके उनके इंजन व चेसिस नंबर मिटा देता था।
इसके लिए राजू गोली ने एक डाई बना रखी थी। इस डाई से कंडम वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर बनाए जाते थे। यह काम सरफराज के आशियाना स्थित गैराज पर होता था। चोरी के इन वाहनों में कंडम वाहनों के इंजन व चेसिस नंबर डालकर उन्हें नंबर एक का बना देता था।
ईसीएम बदलकर स्टार्ट करते थे इंजन
एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि लग्जरी कारों में इंजन चालू करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल्ड मॉड्यूल (ईसीएम) डिवाइस लगी होती है। वाहन चोर इस डिवाइस को बदलकर इंजन स्टार्ट करते थे। ईसीएम डिवाइस की कीमत करीब 40 हजार रुपये है। यह शोरूम में ही मिलती है।