अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए रेलवे की तत्काल बुकिंग करने वाले रैकेट को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ ने इस रैकेट के पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ये रैकेट महज 30 सेकंड में बुकिंग कन्फर्म कर देता था। यह रैकेट देश के कई हिस्सों में फैला था। इस अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए बुकिंग एजेंट रेलवे के ई-टिकटिंग सिस्टम से पहले ही तत्काल का कन्फर्म टिकट उपलब्ध करा देते थे।
इसके लिए ऑनलाइन रिजर्वेशन के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट पर जाकर एक फार्म भरना पड़ता था। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार साइबर अपराधियों ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है जो आईआरसीटीसी की वेबसाइट से कहीं ज्यादा तेज गति से तत्काल टिकट की बुकिंग करता है।
रेलवे जैसे ही किसी ट्रेन में रिजर्वेशन की बुकिंग खोलता है, यह सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी की वेबसाइट की तरह सक्रिय हो जाता है।
अवैध सॉफ्टवेयर इस तरह से तैयार किया गया है कि वह आईआरसीटीसी की वेबसाइट में दिए गए कैप्चा का सुरक्षा चक्र भी तोड़ देता है। कैप्चा वह सिस्टम है, जिसके जरिए यह देखा जाता है कि बुकिंग कराने वाला अथवा सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने वाला कोई व्यक्ति है, न कि स्वनियंत्रित कंप्यूटर प्रोग्राम। यह सॉफ्टवेयर कैप्चा को नजरअदांज कर टिकटों की बुकिंग कर देता है।