सिविल अस्पताल में एंबुलेंस से उतरने के बाद दर्द से कराहते मरीज वार्ड तक गोद में पहुंच रहे हैं। वजह स्ट्रेचर और व्हील चेयर उन्हें नहीं मिलता।
पूछने पर वार्ड ब्वॉय मदद के बजाय दो टूक जवाब दे देते हैं कि स्ट्रेचर और व्हील चेयर उपलब्ध नहीं है। कुछ ऐसी ही परेशानी उठानी पड़ी बाराबंकी के भानु गुप्ता (60) को।
सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उनके बेटे राजेश शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे अस्पताल लेकर पहुंचे।
भानु को एंबुलेंस में छोड़कर वो स्ट्रेचर लेने के लिए इमरजेंसी पहुंचे तो कर्मचारियों ने कह दिया कि स्ट्रेचर नहीं है। मरीज को गोद में ले आओ।
राजेश जैसे-तैसे पिता को इमरजेंसी ले गए जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने हालत नाजुक बताकर ट्रॉमा सेंटर जाने की सलाह दे दी।
दर्द से तड़प रहे भानु आधे घंटे तक इमरजेंसी में ही पड़े रहे लेकिन किसी कर्मचारी ने उनको एंबुलेंस तक नहीं पहुंचाया।