राजनाथ ने कहा कि साइबर क्राइम का कोई घटना स्थल नहीं होता। सात समंदर पार बैठकर भी इसे अंजाम दिया जा सकता है। साइबर क्राइम के जरिए बड़ी-बड़ी कंपनियों के डाटा चुराने और उसमें हेरफेर करने की कोशिश होती है। 2015 में यूक्रेन की पावर ग्रिड पर साइबर हमला कर कई घंटे तक पूरे देश को अंधेरे में डाल दिया गया था।
2007 में एक अन्य देश में भी साइबर हमला कर सरकारी वेबसाइटों को हैक कर लिया गया था। हमारे सामने साइबर क्राइम से निपटने की चुनौती है। केंद्र सरकार ने कुछ नए तरीके अपनाए हैं। अलग-अलग राज्यों में एडीजी स्तर के अधिकारी को इसका प्रभारी बनाया जा रहा है। क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी की दृष्टि से नेशनल क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर का गठन किया गया है।
योगी और पुलिस की जमकर की तारीफ
राजनाथ ने इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, मैं मुख्यमंत्री रह चुका हूं, इसलिए जानता हूं कि समय की क्या अहमियत होती है। गृहमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध में कमी आई है और लॉ एंड ऑर्डर में सुधार हुआ है। इसके लिए योगी आदित्यनाथ बधाई के पात्र हैं। उन्होंने यूपी 100 की तारीफ करते हुए कहा कि इससे निवेशकों में सुरक्षा का भाव पैदा होगा।
प्रदेश के बारे में धारणाएं बदलीं : योगी
अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि प्रदेश को लेकर जो धारणाएं थीं, उनमें बदलाव आया है। निवेशकों की समस्याओं के निराकरण के लिए हम हर समय तैयार हैं। निवेशकों के लिए यूपी अब सुरक्षित स्थान बन चुका है। इस मौके पर प्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार, डीजीपी ओम प्रकाश सिंह, एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार और एडीजी लखनऊ जोन राजीव कृष्ण मौजूद थे।