केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 10 फीसदी बढ़ाने के केंद्र के
प्रस्ताव ने अखिलेश सरकार की चुनौती बढ़ा दी है।
केंद्र की घोषणा से यह तो
तय है कि राज्य के 17 लाख कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ता देना पड़ेगा
क्योंकि प्रदेश में भी केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की व्यवस्था है।
परेशानी यह है कि सरकार इस अतिरिक्त राशि का जुगाड़ कैसे करेगी। हालांकि,
सरकार लेखानुदान में इसका बंदोबस्त कर सकती है लेकिन खतरा यह है कि लोकसभा
चुनाव की अधिसूचना न जारी हो जाए। प्रदेश सरकार का बजट सत्र 19 फरवरी से
शुरू होने जा रहा है।
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के बजट में 90 फीसदी तक महंगाई भत्ता देने की व्यवस्था की है।
चूंकि
केंद्र अपने कर्मियों का महंगाई भत्ता 90 से बढ़ाकर 100 फीसदी करने जा रहा
है ऐसे में प्रदेश सरकार को भी जनवरी से महंगाई भत्ता देने का प्रावधान
करना होगा।
जानकार बताते हैं कि प्रदेश में महंगाई भत्ता 10 फीसदी बढ़ाने
पर 2000 से 22 सौ करोड़ रुपये का खर्च बढ़ जाएगा।
पिछले साल केंद्र ने
जनवरी के महंगाई भत्ते की घोषणा अप्रैल में की थी। उसके बाद प्रदेश सरकार
ने मई में बढ़े डीए की घोषणा की और जून से बढ़े भत्ते का नगद भुगतान शुरू
कर दिया।