राज्य कर्मचारियों की हड़ताल पर जहां एक ओर सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा कर्मचारियों के समर्थन में सामने आ गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर याद दिलाया कि वर्ष 2012 में 18 लाख कर्मचारियों ने ही सपा की सरकार बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
अधिकारियों की उपेक्षा व लापरवाही के कारण ही पिछले आठ दिनों से कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे राजस्व के साथ ही प्रदेश की जनता को भी भारी परेशानी हो रही है।
विधायक ने अपने पत्र में लिखा है कि बसपा सरकार में इन्ही मांगों को लेकर जब प्रदेश के कर्मचारियों ने हड़ताल की थी उस समय सपा ने इनकी न्यायोचित मागों का सर्मथन किया था।
आज फिर राज्य कर्मचारी हड़ता पर हैं। लेकिन अब राज्य कर्मचारियों एवं सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो रही है। विधायक ने कहा कि हड़ताल से सरकार को 650 करोड़ रुपये प्रतिदिन का नुकसान हो रहा है।
इस तरह से आठ दिनों में प्रदेश सरकार को 5200 करोड़ का नुकसान हो गया है। राज्य कर्मचारियों की मांगे मानने पर प्रदेश सरकार को इससे कम राजस्व का भार पड़ता।
सीएम ने नहीं कराई बात
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि राज्य कर्मचारियों से वार्ता कर रहे अधिकारियों ने अभी तक सीएम से वार्ता नहीं कराई है। इससे हड़ताल समाप्त नहीं हो पा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से राज्य कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को उनके साथ बुलाने की मांग की है।