पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी को धमकाने के आरोपी को मंगलवार को हजरतगंज पुलिस ने चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने उसके पास से धमकी में प्रयुक्त सेलफोन व सिम भी बरामद कर लिया। आरोपी सोनभद्र के रेनूकूट का रहने वाला है।
पूछताछ में आरोपी ने नौकरी मांगने के लिए फोन करने की बात स्वीकारी है।
सीओ हजरतगंज दिनेश यादव के मुताबिक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता एवं पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के निजी सचिव श्याम विहारी दीक्षित ने बीते 11 नवंबर को अज्ञात व्यक्ति द्वारा शासकीय फोन पर कॉल करके गाली-गलौज व धमकी देने का मामला हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराया था।
निजी सचिव का आरोप था कि फोन करने वाले ने पूर्व मंत्री एवं सहायक समीक्षा अधिकारी रामेंद्र सिंह पटेल को जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस ने इन नंबरों को सर्विलांस पर लेकर छानबीन शुरू की तो पता चला कि ये सोनभद्र के रेनूकूट पिपरी गांव निवासी इंद्रलोक गिरि (23) के नाम हैं। छानबीन में उसकी लोकेशन राजधानी में मिली।
इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे चारबाग रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी इंद्रलोक ने जुर्म कुबूलते हुए बताया कि नौकरी की तलाश में वह लखनऊ आया था और नौकरी न मिलने पर पूर्व मंत्री को फोन मिलाया। आरोपी ने अभद्रता करने के आरोप से इन्कार किया है।
मनोज तिवारी का था ड्राइवर
पुलिस के मुताबिक, बीए पास इंद्रलोक भोजपुरी गायक व फिल्म कलाकार मनोज तिवारी की कार चलाता था। पांच वर्ष पहले तिवारी ने कामचोरी के आरोप में उसे नौकरी से निकाल दिया था। नौकरी के दौरान ही आरोपी ने वीआईपी फोन नंबरों की सूची हथिया ली थी।
उन नंबरों में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी का भी फोन नंबर भी शामिल था। नौकरी से निकाले जाने के बाद आरोपी इंद्रलोक गिरि सोनभद्र अपने पैतृक गांव में रहने लगा। कुछ दिन पहले वह नौकरी की तलाश में राजधानी आया और पूर्व मंत्री को फोन कर धमकी दी।