इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में पूजा करते जैन धर्म के लोग। स्रोत: स्वयं
लखनऊ। जैन धर्म का शाश्वत पर्व दशलक्षण बृहस्पतिवार से भक्तिभाव के साथ आरंभ हो गया। प्रथम दिवस उत्तम क्षमा धर्म की आराधना के अवसर पर सुबह से ही जैन समाज के श्रद्धालुओं का मंदिरों में तांता लगा रहा।
दिन की शुरुआत भगवान के अभिषेक से हुई, जिसका सौभाग्य संचित जैन को मिला। वहीं, शांतिधारा का पुण्य लाभ आकाश जैन और अभिषेक जैन ने प्राप्त किया। इस मौके पर मंगल कलश की स्थापना भी की गई, जिसे दस दिनों तक मंत्रोच्चार के साथ अभिमंत्रित किया जाएगा और बाद में आशी जैन व सिद्धार्थ जैन के निवास पर स्थापित किया जाएगा।
मध्यप्रदेश से पधारीं ब्रह्मचारिणी रूबी दीदी ने श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए कहा कि बलवान व्यक्ति ही क्षमा कर सकता है, कायर नहीं। उन्होंने क्षमा को जीवन का सर्वोच्च गुण बताते हुए इसे आत्मिक शुद्धि का माध्यम बताया।
जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि पर्व के अवसर पर अनेक भक्तों ने 10 दिन के निर्जल उपवास का संकल्प लिया है, जबकि कई श्रद्धालु पांच और तीन दिन के उपवास करेंगे। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में भगवान की आरती, भक्ति गीत और 60 सेकंड शो का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पवन जैन, अरविंद, मनोज, ऋषभ, अनुरोध, आयुष, भारत, दिव्य सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।