चारबाग स्टेशन पर रविवार दोपहर उस समय बड़ा हादसा होने से बच गया जब यहां डीजल टंकी के पास एक नाले में अचानक आग लग गई।
40 मिनट बाद हजरतगंज से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच सकी। रेलवे के चार अग्निशमक सिलेंडर काम नहीं आए।
जिस जगह आग लगी वहां के प्लेटफार्म पर पानी का दबाव इतना कम था कि उससे मदद ही नहीं मिली। किसी तरह जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने आग पर काबू किया।
घटना दोपहर 3:10 बजे की है। चारबाग स्टेशन के प्लेटफार्म सात के पास पांच रेल लाइन छोड़कर निकले एक नाले में अचानक आग लग गई।
इससे यार्ड में ट्रेनों और डीजल के टैंक को नुकसान पहुंचने का खतरा बन गया। सूचना मिलते ही आरपीएफ उपनिरीक्षक एसएन मिश्र, जीआरपी एसएसआई विष्णु कौशिक और सिपाही सुंदर सिंह यादव सहित कई जवान मौके पर पहुंचे।
जवानों ने तुरंत इसकी सूचना हजरतगंज फायर ब्रिगेड को दे दी। आग पर काबू पाने के लिए प्लेटफार्म सात पर लगे हाइड्रेंट को खोला गया, लेकिन प्रेशर न होने से पानी दूर तक नहीं जा सका।
इसके बाद सभी प्लेटफार्मों का पानी बंद कराया गया। इस बीच अग्निशमक सिलेंडर का भी उपयोग किया गया, लेकिन चार सिलेंडर काम नहीं आए।
इस बीच वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त हेमंत कुमार भी आ गए। उन्होंने जवानों को अलग-अलग हिस्सों में आग पर काबू पाने का आदेश दिया।
जवानों ने किसी तरह आग पर काबू किया। फायर ब्रिगेड घटना स्थल पर 3:50 बजे आ सका। आग पर शाम 4:15 बजे काबू पा लिया गया। रेलवे के जिस नाले में आग लगी थी, वह खुला हुआ है।
इसके चलते किसी ने नाले में जलती बीड़ी या माचिस फेंक दी थी। नाले में डीजल रिसकर जमा होने से आग लग गई।