लखनऊ। जब मंच पर सिर्फ एक अभिनेता हो और वही पूरी दुनिया रच दे, तो उसे अभिनय का जादू ही कहा जाएगा। प्रख्यात अभिनेता राकेश बेदी ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में प्रस्तुत एकल नाटक ‘मसाज’ में ऐसा ही जादू बिखेरा।
बीएनए के राज बिसारिया प्रेक्षागृह में बृहस्पतिवार शाम को हुई इस प्रस्तुति में राकेश बेदी ने अकेले ही 20 से अधिक पात्रों को जीवंत कर दिया। उनकी आवाज, हाव-भाव और संवाद अदायगी इतनी प्रभावशाली रही कि दर्शक हर किरदार के साथ खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते रहे।
मशहूर लेखक विजय तेंदुलकर की रचना और निर्देशक हरबंस सिंह के निर्देशन में मंचित ‘मसाज’ एक संघर्षरत युवक हैप्पी कुमार की कहानी है, जो अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई आता है, लेकिन हालात उसे एक मसाज करने वाले तक सीमित कर देते हैं।
करीब दो घंटे तक चले इस नाटक में राकेश बेदी ने हास्य और व्यंग्य के बीच ऐसा संतुलन बनाया कि दर्शक कभी ठहाके लगाते नजर आए, तो कभी गहरे विचारों में डूब गए। उनकी प्रस्तुति ने यह साबित किया कि सशक्त अभिनय के सामने मंच, संसाधन और सीमाएं छोटी पड़ जाती हैं। कुल 140 सीटों वाले सभागार में लगभग ढाई साै दर्शकों की माैजूदगी रही।
22 वर्षों से अधिक समय से मंचित हो रहा यह नाटक आज भी उतना ही प्रासंगिक है, क्योंकि यह आम आदमी के टूटते सपनों और संघर्ष की सच्चाई को बेबाकी से सामने लाता है। इस माैके पर पद्मश्री मालिनी अवस्थी, सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी, बीएनए के अध्यक्ष रतिशंकर त्रिपाठी, बीएनए के निदेशक विपिन कुमार समेत बड़ी संख्या में कलाप्रेमी माैजूद रहे।
मंच के धुरंधर राकेश बेदी ने जीये 20 किरदार
मंच के धुरंधर राकेश बेदी ने जीये 20 किरदार
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मंच के धुरंधर राकेश बेदी ने जीये 20 किरदार
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