केजीएमयू के रायबरेली रोड स्थित ट्रॉमा-2 के लिए शासन ने गैर शैक्षणिक पदों पर भर्ती का निर्देश दे दिया है। केजीएमयू की ओर से अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर शासन की मुहर से मरीजों को राहत मिलेगी।
स्टाफ न होने से इसका संचालन ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा था। केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि वह जल्द ही भर्ती की कार्रवाई पूरी करेगा ताकि रोगियों को बेहतर उपचार मिल सके।
प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. अनिता भटनागर जैन ने बताया कि केजीएमयू के कुलपति प्रो. रविकांत ने ट्रॉमा-2 के लिए गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के पद के सृजन की मांग 16 अगस्त को की थी।
जिस पर 575 गैर शैक्षणिक पदों पर भर्ती के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सृजित सभी पदों पर भर्ती एम्स नई दिल्ली या एसजीपीजीआई लखनऊ में मौजूद काडर के आधार पर होगी।
फिलहाल ट्रॉमा-2 का संचालन केजीएमयू प्रशासन के पास है। लेकिन स्टाफ न होने के कारण मरीजों के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।इसके बाद से रायबरेली रोड की ओ्रर रहने वाले लोगों को हादसों के बाद केजीएमयू तक आने की समस्या से निजात मिल जाएगी।
केजीएमयू- ट्रॉमा-2 सबसे अधिक पद नर्सिंग काडर के हैं। इसमें सिस्टर ग्रेड-2 में 400 पद जबकि असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पर छह, सिस्टर ग्रेड-1 में 20, और डिप्टी नर्सिंग सुपरिटेंडेंट के तीन पद हैं। टेक्निकल काडर में टेक्नीशियन ग्रेड-1 में 25, ग्रेड-2 में 35 पद, मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन, जूनियर मेडिकल रिकॉर्ड अफसर और मेडिकल रिकॉर्ड अफसर और सैनिटरी इंस्पेक्टर के 10 पद। पब्लिक रिलेशन काडर में सात पद।
जल्द होगा रेडियोलॉजी विभाग
डेमो पिक
जूनियर फिजियोथेरेपिस्ट के दस जबकि फॉर्मासिस्ट के आठ पद सृजित किए गए हैं। इसके अलावा क्लर्क मैटेरियल मैनेजमेंट, फाइनेंस काडर, डायटीसियन, एमएसडब्लू समेत अन्य विभागों में एक से तीन पद हैं। केजीएमयू प्रशासन जल्द ही इसके लिए विज्ञापन में जारी करेगा।
ट्रॉमा-2 के प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि मौजूदा समय में कुल 50 बेड पर इलाज की सुविधा है। 20 डॉक्टरों के साथ 65 पैरामेडिकल स्टाफ की यहां ड्यूटी है। कुल पांच ओटी हैं जिसमें दो का संचालन हो रहा है।
मरीजों की सुविधा के लिए बेड टू बेड सेंट्रलाइज लिक्विड ऑक्सीजन की व्यवस्था है। 575 नए पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के बाद कुल 216 बेड पर इलाज की सुविधा मिलने लगेगी।
डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि नया स्टाफ मिलने के बाद बंद ओटी खोली जाएगी। पांच मंजिला ट्रॉमा सेंटर पीजीआई ने तैयार किया था लेकिन स्टाफ न मिलने के कारण पीजीआई ने इसके संचालन से मना कर दिया था। इसके बाद कुलपति प्रो. रविकांत ने ट्रॉमा-2 को चलाने की हामी भरी।
यहां के लिए नॉन पीजी स्टूडेंट के बारह चिकित्सकों का चयन हो चुका है। पीजी जेआर के पांच और सीनियर रेजिडेंट समेत न्यूरो सर्जरी, सर्जरी व अन्य विभागों में नियुक्ति के लिए साक्षात्कार चल रहा है।
दिसंबर के अंत तक सुविधा का विस्तार हो जाएगा। यहां भी रोगियों को ट्रॉमा-1 की ही तरह 24 घंटे इलाज मिलेगा। केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि 250 बेड पर इलाज की सुविधा शुरू होने से ट्रॉमा सेंटर में बेड की किल्लत व लंबी लाइन से लोगों को निजात मिल जाएगी।
अभी ट्रॉमा-2 में सिर्फ एक्स-रे और बायोकेमेस्ट्री की जांच होती है। स्टाफ मिलने के बाद अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और एमआरआई भी शुरू हो जाएगा। डॉ. संदीप ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। सीटी स्कैन मशीन के लिए पीपीपी मॉडल पर बात चल रही है।