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एसएसपी वैभव कृष्ण मामला: अगले सप्ताह एसआईटी सौंप सकती है रिपोर्ट, पांच अफसरों के खिलाफ जांच पूरी

Sun, 23 Feb 2020 09:37 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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एसएसपी वैभव कृष्ण - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के पांच आईपीएस अधिकारियों पर गौतमबुद्ध नगर के पूर्व एसएसपी वैभव कृष्ण द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी अगले सप्ताह मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। इस मामले से जुड़े सभी पुलिस अधिकारियों व अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ पूरी हो चुकी है। 

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अब इंतजार एसआईटी के सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक कर की गई जांच पर चर्चा की जाएगी और उसके बाद रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी जाएगी। जानकारी के अनुसार इस मामले में जांच अधिकारियों को कुछ दस्तावेज केंद्र सरकार द्वारा भी मुहैया कराए गए हैं जहां शिकायतकर्ता ने पेन ड्राइव में सभी डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। 

इसमें दो आईपीएस अधिकारियों की वायस रिकार्डिंग भी है जो ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर पैसों के लेनदेन की बात कर रहे हैं। वहीं एक जिले के कप्तान ओवर लोड गाड़ियों को पास कराने का सौदा कर रहे हैं। हालांकि यह सभी दस्तावेज एसएसपी गौतमबुद्ध नगर रहे वैभव कृष्ण ने जांच अधिकारी को पूर्व में ही सौंप दिए थे।

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निलंबन से लेकर विभागीय कार्रवाई तक संभव

सूत्रों का कहना है कि इस जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो आरोपी अफसरों को महंगा पड़ सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इनमें से कुछ अफसरों के निलंबन से लेकर विभागीय जांच तक की सिफारिश की जा सकती है।

गौरतलब है कि नोएडा के एसएसपी रहे वैभव कृष्ण ने जिलों में तैनात रहे पांच आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसमें गाजियाबाद के एसएसपी रहे सुधीर कुमार सिंह, रामपुर के एसपी रहे अजय पाल शर्मा, बांदा के एसपी रहे गणेश साहा और सुल्तानपुर के एसपी रहे हिमांशु कुमार शामिल थे। 

इसके अलावा कुशीनगर में एसपी रहे राजीव नारायण मिश्रा पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। हालांकि आरोप लगने से पहले ही उन्हें कुशीनगर से हटाकर एसटीएफ का एसएसपी बना दिया गया था। जनवरी में भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के बाद इन सभी पांचों आईपीएस अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया था।
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