बहराइच के निशानगाड़ा गांव में देर रात तलाशी के बहाने उत्पात मचाने के आरोप का एसएसबी ने खंडन किया है। दरअसल, ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि जवानों ने गुरुवार (3 जनवरी) की रात उनके घरों में घुसकर तोड़फोड़ की और विरोध करने पर पिटाई भी की। वहीं, महिलाओं से भी अभद्रता की।
निशानगाड़ा रेंज में एसएसबी की 59वीं बटालियन है। बटालियन के जवान गुरुवार (3 जनवरी) की रात 11 बजे के आसपास निशानगड़ा गांव में पहुंच गए। सभी ने ग्रामीणों के घरों में तलाशी लेने की बात कही थी।
गांव के रामू, नानबच्चा, राम किशोर और संतोष अदि का कहनाा था कि उनके द्वारा रात में तलाशी का विरोध करने पर एसएसबी के जवानों ने पिटाई शुरू कर दी। घर की महिलाएं पुरुषों को बचाने दौड़ी तो जवानों ने उन्हे भी लाठियों से पीटा। जवानों के उत्पात और पिटाई में दिलमाया, शांती देवी, कल्पना देवी, मीना, मीरा देवी आदि जख्मी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वह सभी दुहाई देते रहे लेकिन जवानों को तरस नहीं आया। कुछ जवान शराब के नशे में भी थे। जख्मी दिलमाया और कल्पना देवी ने बताया कि जवानों ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता भी की थी। अधिकारियों से शिकायत करने की बात पर जवानों ने सभी घरों के महिलाओं और पुरुषों को एकत्रित कर कड़ाके की ठंड में खुले मैदान में असलहे की नोक पर लगभग एक घंटे खड़ा रखा। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने एसडीएम से मामले की शिकायत की।
इस पर उपजिलाधिकारी केपी भारती ने मामले में तहसीलदार को जांच सौंपी थी। एसएसबी का कहना है कि जांच में मामला पूरी तरह असत्य है और एसएसबी ऐसी किसी घटना का खंडन करती है।
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एसएसबी के खंडन की रिपोर्ट