रायबरेली। गलत तथ्यों व धोखाधड़ी के आधार पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम हड़पने का मामला सामने आया है। एसआईटी ने शहर कोतवाली में दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मोटर दुर्घटना क्लेम पाने के लिए षडयंत्र व धोखाधड़ी करने का केस दर्ज कराया है।
एसआईटी की जांच में सामने आया कि मुन्ना घोसी व राजेश कुमार यादव की दो जुलाई 2014 को एक मोटर दुर्घटना में मौत हो गई थी। दोनों की मौत के बाद क्लेम (प्रतिकर) पाने के लिए मुन्ना की पत्नी रूबीना व राजेश की पत्नी प्रेमा देवी ने अधिवक्ता के माध्यम से षडयंत्र कर गलत तथ्यों व धोखाधड़ी के आधार पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल रायबरेली के समक्ष अलग-अलग याचिका दाखिल की थी। ट्रिब्यूनल ने 08 अप्रैल 2022 को मामला संदिग्ध पाए जाने पर दोनों याचिका खारिज करते हुए इसकी जांच एसआईटी को सौंपी थी।
जांच के बाद प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी से बीमा क्लेम हड़पने का मामला साबित होने पर एसआईटी के इंस्पेक्टर अवधेश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कराया गया है। इसमें सदर कोतवाली क्षेत्र के गोरा बाजार निवासी रूबीना, गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे उम्मेद गांव की निवासी प्रेमा देवी, लालगंज कोतवाली क्षेत्र के शोभवापुर अंबारा पश्चिम निवासी अहमद अली, प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर थाना क्षेत्र के असावां निवासी रियाज खान व गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे गंगू मजरे केसरुवा निवासी अनिल कुमार यादव को आरोपी बनाया गया है। सीओ सदर अमित सिंह ने बताया कि जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
ऐसी रची बीमा दावा हड़पने की साजिश
मृतक मुन्ना घोसी के भाई मुनीर अहमद ने जिला अधिकारी को एक प्रार्थना पत्र देकर अज्ञात वाहन से हादसा होने की जानकारी दी गई थी। बाद में रिपोर्ट यूपी 33वी 1818 के चालक के खिलाफ थाना गुरुबख्श गंज में दर्ज कराई गई। याचिका में भी दुर्घटना करने वाले वाहन का नंबर यही अंकित किया गया। इसके बाद में शपथ पत्र देकर संशोधित कर वाहन का नंबर यूपी 33 एच 6231 अंकित कराया गया। इसी कारण पूरे मामले की जांच एसआईटी से कराई गई।