उत्तर प्रदेश विकलांग उद्धार डॉ. शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी में अब पढ़ाई के साथ-साथ मरीजों का इलाज भी किया जाएगा।
यहां 5.45 करोड़ रुपए की लागत से स्पाइनल कॉर्ड इंजरी सेंटर बनाया जाएगा। राज्य में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी का इलाज करने वाला यह पहला अत्याधुनिक हॉस्पिटल होगा।
इस हॉस्पिटल के संचालन की जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी प्रशासन के हाथों में होगी। यहां पर गरीबों का निशुल्क इलाज किया जाएगा। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के नि:शक्तता कार्य विभाग की इस योजना को केन्द्र व राज्य सरकार मिलकर चलाएंगे।
सड़क दुर्घटना में घायल होकर जो व्यक्ति स्पाइनल डिसऑर्डर या इससे जुड़ी अन्य परेशानी से ग्रसित होगा उसे यहां उच्च स्तरीय इलाज की सुविधा मिलेगी। क्योंकि स्पाइनल इंजरी से पीड़ित होने के बाद रोगियों को लंबे तक अस्पताल में रहकर इलाज की जरूरत होती है।
ऐसे रोगियों का इलाज तीन तरह से किया जाता है। इसमें स्पाइनल कॉर्ड के पुन: प्रभावित होने की आशंका को कम करना, रोगियों का उपकरण के सहारे पुनर्वास करना और लांग टर्म के कॅम्पलीकेशन को कम करना।
इस अत्याधुनिक हॉस्पिटल में आर्थोपेडिक सर्जन, नर्सिंग स्टॉफ, पुनर्वास स्टॉफ, फिजियोथैरेपिस्ट, एक्यूपेशन थैरेपिस्ट तैनात किए जाएंगे। इन डॉक्टर व तकनीकी सहायकों को इंडियन स्पाइनल सेंटर नई दिल्ली के विशेषज्ञ ट्रेनिंग देंगे।