लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य अभिलेखागार संस्कृति विभाग की ओर से अभिलेखों एवं पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन 19 से 23 जनवरी तक किया जाएगा। इसका उद्देश्य धरोहर संरक्षण के प्रति संवेदनशील दृष्टि को सुदृढ़ करना और विद्यार्थियों को अभिलेखीय एवं पांडुलिपि धरोहर के संरक्षण से जोड़ते हुए इस क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के प्रति जागरूक करना है।
संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी एवं शिक्षक सम्मिलित रहेंगे। प्रशिक्षण के दौरान रक्षा मंत्रालय के हिस्ट्री डिवीजन, राष्ट्रीय अभिलेखागार, भारत सरकार तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों से आमंत्रित विषय-विशेषज्ञ अभिलेखों एवं पांडुलिपियों की पहचान, संरक्षण, प्रलेखन, डिजिटलीकरण तथा उनके अकादमिक एवं शोधात्मक महत्व पर व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित करेंगे। कार्यक्रम का आयोजन ज्ञान भारतम मिशन की ओर से किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत भारत की प्राचीन एवं ऐतिहासिक ज्ञान-परंपरा, अभिलेखीय विरासत तथा पांडुलिपि धरोहरों के संरक्षण, पुनरुद्धार और व्यापक प्रसार पर विशेष बल दिया जा रहा है।