वृंदावन से आए कथावाचक अंकुल दीक्षित
लखनऊ। निशातगंज सि्थत श्री चंद्रभालेश्वर मंदिर नेताजी सुभाषचंद्र बोस पार्क में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को राजा परीक्षित के प्रसंग का बखान किया गया। वृंदावन से आए कथावाचक अंकुल दीक्षित ने कहा कि परीक्षित एक न्यायप्रिय राजा थे लेकिन एक पल के क्रोध में आकर उन्होंने शांतनु ऋषि के गले में मृत सांप डाल दिया। विवेकहीन क्रोध ने उनके जीवनभर की तपस्या और सम्मान को नष्ट कर दिया। इसी तरह आज के युग में लोग मामूली सी बात पर लड़ जाते हैं। एक दूसरे के दुश्मन बन बैठते हैं। व्यक्ति को विपरीत हालात में भी संयम और विवेक से काम करना चाहिए। लालच और अनैतिक तरीके से कमाए गए धन का कभी सही कार्यों में उपयोग नहीं होता। आयोजन स्थानीय निवासियों की ओर से हो रहा है।