राज्य सरकार ने निर्माण कार्यों में लगे पंजीकृत मजदूरों के लिए पिटारा खोल दिया है। उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए घरों में सोलर लाइटें लगाई जाएंगी।
60 वर्ष की आयु पार करने वाले पांच साल पहले रजिस्टर्ड हुए मजदूरों को वृद्धावस्था पेंशन की सुविधा दी जाएगी।
महिला मजदूरों के बच्चों के लिए क्रेश की व्यवस्था की जाएगी। मार्च तक निर्माण कार्य में लगे 36 हजार मजदूरों का पंजीकरण किया जाएगा तथा कौशल विकास मिशन के अंतर्गत 10 हजार श्रमिकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने शनिवार को श्रमिक योजनाओं की समीक्षा के दौरान इस संबंध में अफसरों को निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 में निर्माण मजदूरों के लिए 100 करोड़ रुपये की योजनाओं से लाभान्वित करने का प्रस्ताव अधिकारी जल्द ही पेश करें।
मजदूरों के रात्रि विश्राम के लिए बड़े शहरों में रैन बसेरा की व्यवस्था उचित स्थान पर कराई जाए। उनके बच्चों की बोर्डिंग स्कूलों में 12वीं तक की पढ़ाई के खर्च की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की जाए।
पंजीकृत महिला मजदूरों को पात्रता की शर्तों के अनुरूप मातृत्व हित लाभ योजना के अंतर्गत अधिकतम दो बच्चों की सीमा तक उन्हें 12 हजार रुपये का भुगतान 2 किस्तों में किया जाएगा। मजदूरों की पत्नियों को इस योजना के अंतर्गत लाभ की परिधि में लाते हुए 6 हजार रुपये 2 किस्तों में दिए जाएंगे।
मृतक आश्रितों को एक लाख रुपये की सहायता
मुख्य सचिव ने बताया कि मृत्यु व अंत्येष्टि सहायता योजना में अंतिम संस्कार के लिए एकमुश्त 15 हजार तथा आश्रितों को सहायता के रूप में 1 लाख दिया जाएगा।
पुत्री विवाह में 20 हजार आर्थिक सहायता दी जाएगी। दो बच्चों में दोनों पुत्रियां होने पर यह आर्थिक सहायता दोनों पुत्रियों के विवाह के लिए दी जाएगी। इसी तरह बालिका के जन्म पर एकमुश्त 20 हजार रुपये 18 वर्ष के लिए जमा कराई जाएगी।
इसका भुगतान बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा। 18 वर्ष पूर्व होने पर इसका भुगतान किया जाएगा। मेधावी छात्र पुरस्कार योजना में कक्षा 5 से आगे की पढ़ाई में एक निश्चित प्रतिशत अंक पाने पर पुरस्कृत किया जाएगा।