लोक सभा चुनाव के मद्देनजर अमर उजाला की मुलायम सिंह से हुई खास बातचीत में मुलायम सिंह यादव ने नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला।
वह कहते हैं, ‘वह महज झूठ का कारोबार करते हैं, विकास उनकी प्राथमिकताओं में नहीं है। गरीबों का नाम भर लेते हैं, उनकी चिंता नहीं करते।
समाज को बांटकर प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं।’ उनका दावा है, पूरे देश में तीसरे मोर्चे के पक्ष में हवा है। नरेंद्र मोदी भाजपा की कुछ सीटें जरूर बढ़वा सकते हैं, लेकिन सरकार नहीं बना सकते।
तीसरा मोर्चा देश का भविष्य है।
चुनाव के बाद तीसरे मोर्चे की सरकार तय है। यह भी तय है कि सपा नई सरकार में खास भूमिका निभाएगी। उनका कहना है कि कांग्रेस ने अपने कुशासन, महंगाई और भ्रष्टाचार से देश का खासा नुकसान किया है।
रही-सही कसर भाजपा से उसकी मिलीभगत ने पूरी कर दी। देश में कांग्रेस तेजी से सिकुड़ रही है। तीसरा मोर्चा देश का भविष्य है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘कांग्रेस-भाजपा की मिलीभगत का ताजा नतीजा तेलंगाना है, जिस पर हमारी संसद को दुनिया भर में शर्मसार होना पड़ा। कांग्रेस इसके लिए सीधे जिम्मेदार है, भाजपा उसमें सहयोगी है।’
रायबरेली से फिर भी उम्मीदवार नहीं
मुलायम ने कहा, कांग्रेस की सारी खामियों के बावजूद सोनिया गांधी के सामने रायबरेली से सपा अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगी।
उनका तर्क है, सियासी नैतिकता का तकाजा है कि देश के ऐसे सभी बड़े नेता, जिनकी मौजूदगी से संसद का मान बढ़ता है, के सामने उम्मीदवार नहीं उतारने चाहिए।
यूपी में पहल कांग्रेस ने की थी। सोनिया के कमान संभालने के बाद कांग्रेस ने मेरे खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा, तो हमने भी नहीं उतारा।
लेकिन अमेठी में संभव
सपा सुप्रीमो कहते हैं, अमेठी पर अभी पार्टी ने फैसला नहीं किया है। राहुल गांधी के खिलाफ उम्मीदवार उतारे जाने पर सपा गंभीरता से विचार कर रही है।
वादों की भंवर में डूबे केजरीवाल
मुलायम ने कहा, अरविन्द केजरीवाल इस्तीफा देने का मौका ही तलाश रहे थे। सियासत की समझ न होने का कारण उन्होंने जनता से ऐसे-ऐसे वादे कर लिए, जो पूरे नहीं हो सकते थे।
वे तो अपने वादों से ही डरकर भागे हैं। राजनीति में वादे वही करने चाहिए, जो पूरे कर सकते हों। मैं तो अखिलेश (मुख्यमंत्री) को कहता हूं कि वादे पूरे नहीं करना भी भ्रष्टाचार है। इसलिए देखिए, वादे पूरे करने वाली देश में अकेली सरकार हमारी है।
स्वार्थ के लिए दोनों एक हो जाते हैं
अमर उजाला से खास बातचीत में सपा सुप्रीमा ने कांग्रेस और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों अपनी सियासत चलाने के लिए समस्याओं को बनाए रखना चाहते हैं। दोनों देश को बांटने की राजनीति करते हैं।
संसद और संसद के बाहर दोनों का चरित्र और नीतियां एक हैं। संसद में दोनों लड़ाई का नाटक करते हैं, लेकिन स्वार्थ साधने के लिए एक हो जाते हैं।
सदन के बाहर सब तय हो जाता है, अंदर औपचारिकता पूरी करते हैं। तीसरे मोर्चे के सबसे बड़े दुश्मन यही हैं। दोनों ने सारी ताकत इसलिए लगाई हुई है कि तीसरा मोर्चा आकार न ले पाए।
लगाए ये आरोप
उन्होंने कहा, बेतहाशा महंगाई और भ्रष्टाचार बढ़ाने के लिए कांग्रेस-भाजपा दोनों ही जिम्मेदार हैं। सपा की गोरखपुर रैली से दोनों दलों के खिलाफ आक्रामक हुए मुलायम कहते हैं, संसद में कांग्रेस-भाजपा अपने हित साधने वाले विधेयक बिना किसी मुश्किल के पास करा लेती हैं।
लेकिन देशवासियों को फायदा देने वाले काम न उनकी प्राथमिकता में शुमार हैं, न नीति में। मुलायम ने आरोप लगाया कि अपनी सियासत चमकाने के लिए कांग्रेस-भाजपा ने तेलंगाना मसले पर हाल में संसद का बड़ा अपमान करवाया, संसदीय परम्पराओं की उन्हें चिंता नहीं है।
पं. जवाहरलाल नेहरू छोटे राज्यों के खिलाफ थे। अटलबिहारी वाजपेयी ने छोटे राज्य बनाने के बाद घोषणा कर दी थी कि भविष्य में सभी पार्टियों की राय होगी, तब ही नए राज्य पर विचार किया जा सकता है। लेकिन, कांग्रेस-भाजपा दोनों ही अपने नेताओं की बात नहीं मानते।
किसी को बहुमत नहीं
सपा सुप्रीमो का मानना है कि यूपीए सरकार की नाकामियों के कारण कांग्रेस तो जा ही रही है, लोकसभा चुनाव में किसी और को बहुमत भी नहीं मिलने जा रहा।
कश्मीर से केरल-तमिलनाडु और उधर कोलकाता तक कांग्रेस और भाजपा कहीं नहीं हैं। बंगाल में ममता, तमिलनाडु में जयललिता जीत रही हैं।
आंध्र प्रदेश-कर्नाटक में भी भाजपा-कांग्रेस नहीं हैं। विधानसभा चुनाव को आधार बनाएं तो मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में कोई ज्यादा बदलाव नहीं होगा।
बाकी राज्यों में भी कमोबेश यही हाल है। राजस्थान में जरूर भाजपा को पहले से कुछ सीटें ज्यादा मिल सकती हैं। उन्होंने दोहराया, यूपी में सपा-भाजपा में सीधी टक्कर है। बसपा मैदान से बाहर है।
मोदी का महज हौवा, भाजपा एहसान फरामोश
मुलायम मानते हैं कि नरेंद्र मोदी का केवल हौवा है। कॉर्पोरेट सेक्टर अपने स्वार्थ के लिए इसमें मददगार बना है। भाजपा तो एहसान फरामोश पार्टी है।
जो पार्टी अपने को मजबूत बनाने वाले अटलजी-आडवाणीजी जैसे नेताओं को भूल सकती है, वह जनता का ख्याल कैसे रख सकती है। पहले तो इन नेताओं का नाम याद भी रहता था, अब सिर्फ मोदी हैं।
सांप्रदायिकता के खिलाफ मैं अकेला लड़ा
मुलायम का दावा है कि सांप्रदायिकता के खिलाफ उन्होंने अकेले लड़ाई लड़ी है। आज जो नेता सांप्रदायिकता-विरोध के झंडाबरदार बने हैं।
वह उस वक्त नजर भी नहीं आते थे, जब यूपी में हम सांप्रदायिक ताकतों से लड़ रहे थे। उन्होंने कहा, प्रदेश में एक बार फिर वैसा ही माहौल खड़ा करने की कोशिश हो रही है, जनता के साथ मिलकर सपा उन्हें फिर जवाब देगी।
किसान-गरीब-मुसलमान हमारी ताकत
सपा सुप्रीमो का दावा है, अखिलेश सरकार समाज के हर तबके को राहत देने का काम कर रही है। देश में अकेली सरकार है, जिसने अपने घोषणापत्र के ज्यादातर वादे दो साल के भीतर पूरे कर दिए।
जो नेता अपने विकास-मॉडल को बेहतर बताते हैं, हमने तो उन्हें सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी, कोई आगे ही नहीं आया।
मुलायम का कहना है, किसान, गरीब और मुसलमान हमारी ताकत हैं, इनकी बात कोई नेता नहीं करता। करता है तो झूठे वादे। लोकसभा चुनाव में हमारी उम्मीदों का आधार यही है।