हरकत उल जेहाद अल इस्लामी (हूजी) के छह आतंकियों को विशेष अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बृहस्पतिवार को बरी कर दिया। स्पेशल टास्क फोर्स ने जलालुद्दीन उर्फ पिंटू उर्फ बाबू उर्फ अमानुल्लाह, नौशाद उर्फ हाफिज उर्फ साबिर, शेख मुख्तार हुसैन, मो. अली अकबर हुसैन, अजीजुर्रहमान उर्फ सरदार तथा नूर इस्लाम उर्फ मामा को पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेने और भारत में आतंक फैलाने के आरोप में पकड़ा था।
विशेष न्यायाधीश एसएएच रिजवी ने एसएटीएफकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी व उनके पास से हथियारों व विस्फोटकों की बरामदगी को भी संदिग्ध माना है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस टीम को पहले से जानकारी थी कि आरोपियों की निशानदेही पर जो सामान बरामद किया जाना है, वह विस्फोटक है परंतु पुलिस ने विस्फोटक बरामद करने तथा उसे हैंडल करने में कोई सावधानी नहीं बरती। बम निरोधक दस्ते को भी सूचित नहीं किया।
वहीं, अभियोजन ऐसा सुबूत पेश नहीं कर पाया जिससे साबित होता हो कि आरोपी किसी आतंकवादी संगठन के सदस्य हों और वे देश के खिलाफ किसी आतंकवादी गतिविधि में संलिप्त रहे हैं।
कोर्ट ने कहा कि विस्फोटक पदार्थ व हथियारों की बरामदगी के आधार पर माना जा सकता था कि आरोपी आतंकवादी गतिविधि में संलिप्त रहे हैं, लेकिन उनसे हथियार तथा विस्फोटक पदार्थ की बरामदगी पूर्णतया संदिग्ध है।