डफरिन अस्पताल में सोमवार को मेनिंगोमाइलो बीमारी से पीड़ित बच्चे का जन्म हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की बीमारी से पीड़ित बच्चों का जन्म मां के भीतर फॉलिक एसिड की कमी से होता है।
इस बीमारी से पीड़ित बच्चे की रीढ़ की हड्डी का कुछ हिस्सा बाहर निकल जाता है। ऐसे बच्चों का इलाज न्यूरो सर्जरी से संभव है। हसनगंज सुदामापुरी के रहने वाले सुरेश सिंह की पत्नी बिट्टो (32) ने सोमवार को डफरिन अस्पताल में एक शिशु को जन्म दिया।
उसका वजन केवल सवा किलो है। प्री-मेच्योर शिशु की गर्दन के पीछे रीढ़ की हड्डी से कुछ नसें बाहर निकली हुई थीं। इलाज कर रहे डॉ. सलमान खान बताते हैं कि इस तरह की बीमारी से ग्रसित बच्चों को मेनिंगोमाइलों के नाम से जाना जाता है।