इन अस्पतालों में बेड आरक्षित
कोरोना वायरस के लिए सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्र्ड बनाए गए हैं। केजीएमयू में 21, पीजीआई में 10, लोहिया संस्थान में 10, सिविल, बलरामपुर एवं लोकबंधु अस्पताल में 10-10 बेड आरक्षित किए गए हैं।
कंट्रोल रूम में दें जानकारी
कोरोना वायरस से संबंधित कंट्रोल रूम खुला है। यहां किसी भी तरह की आशंका होने पर फोन कर जानकारी ली जा सकती है। कट्रोल रूम का नंबर है- 0522- 2622080
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अलग-अलग देशों से आए 248 लोगों की सूची उपलब्ध कराई गई है। ये लोग चीन सहित अन्य देशों से आए हैं। इन्हें सर्विलांस पर रखा गया है। इनकी नियमति तौर पर निगरानी की जा रही है। इसी तरह राजधानी में अब तक कोरोना वायरस के छह संदिग्ध मरीज पाए गए हैं, जिनमें पांच की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
जबकि मंगलवार को मिले मरीज की रिपोर्ट 48 घंटे बाद आएगी। विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट (यह किट जांच में प्रयोग होती है), एन 25 मास्क एवं ट्रिपल लेयर मास्क उपलब्ध हैं। एयरपोर्ट पर 24 घंटे एंबुलेंस मौजूद है। एंबुलेंस केड्राइवर को एयरपोर्ट से अस्पताल ले जाते वक्त सावधानी बरतने का प्रशिक्षण दिया गया है। उसकेपास ग्लव्स, सेनिटाइजर भी उपलब्ध हैं।
ये हैं कोरोना वायरस के लक्षण
सिर दर्द, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, मांसपेशियों में दर्द, बुखार और थकान। संक्रमण होने पर पहले बुखार होता है। इसके बाद सूखी खांसी आने लगती है। एक हफ्ते बाद सांस लेने में तकलीफ होती है और मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। हालांकि इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि कोरोना वायरस है। इसकी पुष्टि के लिए लैब की रिपोर्ट जरूरी है।
इस मास्क का प्रयोग करें
- एन 95- यह छोटे कणों को शरीर केभीतर जाने से रोकता है। हवा में मौजूद 95 फीसदी कणों को फिल्टर करता है। यह टाइट फिटिंग में आता है इसलिए लीकेज की आशंका कम होती है।
- सर्जिकल मास्क- यह द्रव्य प्रतिरोधी होता है। बड़े कणों से सुरक्षा करता है। हवा में मौजूद छोटे कण से नहीं बचा पाता है। यह ढीला होता है। ऐसे में इसके किनारे से लीकेज की आशंका रहती है।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को भी पत्र भेजा गया है। उन्हें कहा गया है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भेजी गई सूची के व्यक्ति की स्क्रीनिंग में स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करें। विभाग की 19 टीमें काम में लगी है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और नर्सिंग होम एसोसिएशन से भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी, शिक्षा, पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से भी सहयोग लिया जा रहा है।
प्रदेश में कोरोना वायरस प्रभावित देश से आने वाले 2698 लोगों का परीक्षण किया जा चुका है। केजीएमयू की लैब में अब तक 75 लोगों की जांच हुई है। इसमें छह में लक्षण मिलने पर इसे फाइनल जांच के लिए पुणे स्थित लैब भेजा गया है। इसी तरह 54 की जांच एनसीडीसी दिल्ली में कराई गई है।
अभी 22 सैंपल की जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। 17 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें छह सफदरगंज, छह नोएडा और पांच को बुलंदशहर केअस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच स्टेट हेड क्वार्टर हेल्प लाइन नंबर 1800-180-5145 जारी किया गया है।
लखनऊ आए युवक की जांच रिपोर्ट 48 घंटे में
सऊदी अरब से लखनऊ आए मरीज का तापमान 99.2 फारेनहाइट, पल्स 98 प्रति मिनट, एपीओटी 98 फीसदी, ब्लड प्रेशर 127-84 था। छाती में जकड़न की शिकायत पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी रिपोर्ट 48 घंटे में आ जाएगी। - डॉ. डीएस नेगी, निदेशक लोकबंधु अस्पताल
सभी मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव
लक्षण के आधार पर मरीज के ब्लड कल्चर व थ्रोट का सैंपल लिया गया है। दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद भी स्थिति स्पष्ट होगी कि मरीज कोरोना वायरस की चपेट में है या नहीं। अभी तक राजधानी में पांच मरीजों के सैंपल की जांच कराई गई है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव मिली है। शहर में यह छठा मरीज है। - डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ लखनऊ