रायबरेली। ऊंचाहार की एनटीपीसी परियोजना से कोयला उतार कर लौट रही मालगाड़ी में पीवेट टूटने के मामले की जांच शुरू हो गई है। चार सदस्यीय जांच टीम बनी है। जिस बोगी में यह घटना हुई, उस बोगी को परीक्षण के लिए दरियापुर स्टेशन पर रोका गया है। अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि ऊंचाहार स्टेशन से मालगाड़ी छूटते ही चिंगारी निकलने लगी थी, लेकिन रास्ते में किसी ने ध्यान नहीं दिया। घटना के कारणों के साथ ही लापरवाही की जांच चल रही है।
घटना बुधवार रात घटी। एनटीपीसी ऊंचाहार में कोयला उतारने के बाद मालगाड़ी अरखा स्टेशन पहुंची। वैसे तो यह मालगाड़ी प्रयागराज होते हुए वाराणसी की ओर जानी थी, लेकिन प्रयागराज में चल रहे काम की वजह से ट्रैफिक ब्लॉक था। इस वजह से मालगाड़ी को अरखा स्टेशन के बाद ऊंचाहार, लक्ष्मणपुर, दरियापुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ होते हुए वाराणसी भेजने का फैसला लिया गया।
यह मालगाड़ी ऊंचाहार होते हुए रायबरेली की ओर बढ़ रही थी, तभी चिंगारी निकलने लगी। रास्ते में कहीं रोकने के बजाय मालगाड़ी दौड़ती रही। दरियापुर स्टेशन पर रोका गया और चिंगारी निकलने की वजह ढूंढी गई। इससे एक बोगी का पीवेट टूटा होने का पता चला। यह पीवेट किसी भी बोगी की ट्रॉली और बॉडी को जोड़ने का काम करता है। इस बोगी को अलग करके मालगाड़ी रवाना कर दी गई।
बरती गई लापरवाही, उठ रहे सवाल
बोगी का उपकरण कैसे टूटा, खराबी के बावजूद ऊंचाहार से दरियापुर तक मालगाड़ी क्यों खींच कर लाई गई, रास्ते में क्यों अनदेखा किया गया, लापरवाही किस स्तर पर हुई, इस तरह के कई सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए जिला स्तर पर चार सदस्यीय टीम बना दी गई है, जिसने जांच शुरू कर दी है।
टीम में वैगन एंड कैरेज इंचार्ज अरविंद यादव और यातायात निरीक्षक बाल मुुकुंद के साथ दो अन्य सदस्य शामिल हैं। यातायात निरीक्षक की माने तो ऊंचाहार से मालगाड़ी आगे बढ़ी तो चिंगारी निकलने लगी थी। लक्ष्मणपुर स्टेशन पर भी चिंगारी निकलता देखा गया, लेकिन तब तक गाड़ी आगे निकल चुकी थी। इससे मालगाड़ी को दरियापुर में रोका गया। वैगन एंड कैरेज इंचार्ज का कहना है कि चार सदस्यीय टीम जांच कर रही है। जिस बोगी में खराबी आई, उसका परीक्षण कराएंगे।
ट्रेन स्टाफ और रास्ते के स्टेशन जांच के दायरे में
मालगाड़ी से चिंगारी निकलने के मामले की जांच के दायरे में कई लोग आएंगे। जांच टीम के सदस्य बताते हैं कि सबसे पहले तो मालगाड़ी को लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर (गार्ड) से सवाल-जवाब होंगे। एनटीपीसी से लेकर दरियापुर तक रास्ते के सभी स्टेशनों और क्रॉसिंगों पर तैनात कर्मचारियों से भी पूछताछ होगी। जांच टीम के सदस्य बताते हैं कि जो पीवेट टूटा है, उसके मैटेरीयिल की भी जांच कराई जाएगी। इससे गुणवत्ता का पता चलेगा और टूटने की सही वजह सामने आएगी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बोगी दरियापुर में खड़ी रहेगी।