सपा हाईकमान ने बागियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी कर ली है। गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव मैदान में डटे किसी भी नेता को बख्शा नहीं जाएगा।
इन दिनों सपा मुख्यालय पर पार्टी के खिलाफ खुलेआम या गुपचुप ढंग से काम कर रहे नेताओं की सूची तैयार हो रही है। सहारनपुर में बागी प्रत्याशी चौधरी इंद्रसेन को निष्कासित कर पार्टी ने इसके साफ संकेत भी दे दिए हैं।
सूबे में करीब 48 सीटें ऐसी हैं, जो समझौते के तहत कांग्रेस को चली गई हैं, मगर सपा के नेताओं ने भी वहां पर्चा दाखिल किया है। कांग्रेस को दी गई सीटों पर नामांकन कराने वाले सभी सपा नेताओं को निर्देश हैं कि वे फौरन मैदान से हटने की घोषणा कर दें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर या लिखित रूप से मीडिया को भी इससे अवगत कराएं। इसके बावजूद अधिकतर स्थानों पर सपा नेताओं ने उम्मीदवारी वापस नहीं ली। इसके अलावा कुछ नेता ऐसे भी हैं, जिन्होंने नामांकन तो नहीं कराया, पर गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम कर रहे हैं। ऐसे नेताओं की भी सूची तैयार हो रही है।
करीब सवा सौ नेता किए गए चिह्नित
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व सपा सुप्रीमो मुलायम
- फोटो : amar ujala
सूत्रों के मुताबिक, अगले तीन-चार दिन में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई होगी। फिलहाल इस तरह के करीब सवा सौ नेता चिह्नित किए गए हैं।
शुरुआत में इनमें से 40-50 नेताओं पर कार्रवाई कर बाकी को सुधरने का मौका दिया जाएगा। न मानने पर उनके खिलाफ भी पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई होगी।
सपा प्रवक्ता और विधानपरिषद सदस्य अरविंद सिंह ने बताया कि गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ नामांकन कराने वाले सभी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी इन निर्देशों का पालन नहीं करेगा, शीर्ष नेतृत्व ने उसे बाहर करने का फैसला किया है।
इन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया
- फोटो : amar ujala
उधर, इस निर्णय के तहत सहारनपुर की गंगोह विधानसभा सीट से सपा के बागी प्रत्याशी चौधरी इंद्रसेन को शुक्रवार को पार्टी से निष्काषित कर दिया गया। यह सीट गठबंधन में कांग्रेस को मिली है। उसने नोमान मसूद को अपना प्रत्याशी बनाया है।
सपा नेतृत्व ने इंद्रसेन को कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में पर्चा वापस लेने का आदेश दिया था, मगर वह नहीं माने।
वहीं, बाराबंकी की जैतपुर सीट पर गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम करने वालों पर जल्द कार्रवाई की तैयारी है।