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तो 'अति पिछड़ा' है सपा का समाजवाद!

Fri, 31 Jan 2014 12:10 PM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
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समाजवाद का झंडा बुलंद करने वाली समाजवादी पार्टी में कितना समाजवाद है, यह उसके इस फैसले से ही जाहिर हो रहा है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव संचालन समिति में पिछड़ों-अति पिछड़ों को तरजीह देकर राजनीतिक समीकरण का संकेत दे दिया है। मुख्यमंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की अगुवाई में 18 सदस्यीय चुनाव संचालन समिति में 14 पिछड़े और अति पिछड़े वर्ग के हैं।
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सपा लोकसभा चुनावों के लिए कमर कस चुकी है। रामपुर, रायबरेली और अमेठी को छोड़कर बाकी सभी लोकसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं। मंडल स्तर पर देश बचाओ-देश बनाओ रैलियां हो रही हैं। प्रत्याशियों, जिलाध्यक्षों, विधायकों, मंत्रियों और दर्जा प्राप्त मंत्रियों के साथ चुनावी समीक्षाएं चल रही हैं।

लगाई जा रही है पुरजोर ताकत

बूथ प्रभारियों के सम्मेलन हो रहे हैं और सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए साइकिल यात्राएं निकाली जा रही हैं। पूरे अभियान की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अगुवाई में 18 सदस्यीय चुनाव संचालन समिति बनाई गई है।

प्रदेश की चुनावी रणनीति तय करने के लिए समिति की पहली बैठक 4 फरवरी को सपा मुख्यालय में बुलाई गई है। इसमें चुनाव के नजरिये से हर पहलू पर विचार किया जाएगा। कुछ नए कार्यक्रम भी घोषित किए जा सकते हैं।

चुनाव संचालन समिति में हैं ये सदस्य

समिति में मंत्री शिवपाल सिंह यादव, ओमप्रकाश सिंह, बलराम सिंह यादव, अहमद हसन, रामगोविंद चौधरी, राजेंद्र चौधरी, गायत्री प्रसाद प्रजापति, पूर्व मंत्री भगवती सिंह, मत्स्य विकास निगम के अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य डॉ. अवधनाथ पाल, पीएन चौहान, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा, अमिताभ वाजपेयी, सुनील यादव, डॉ. मधु गुप्ता, रामसुंदर दास निषाद, नरेश उत्तम शामिल किए गए हैं।

पिछड़ों-अति पिछड़ों पर दांव

चुनाव संचालन समिति के गठन से साफ है कि सपा के एजेंडे में पिछड़े-अति पिछड़े पहले नंबर पर हैं। समिति में  पिछड़ों-अति पिछड़ों के चेहरे केरूप में प्रोजेक्ट किए जा रहे कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रामनरेश उत्तम, डॉ. राजपाल कश्यप, रामसुंदर दास निषाद के साथ ही डॉ. अवधनाथ पाल और पीएन चौहान को रखा गया है।

कमेटी में शामिल सात मंत्रियों में पांच पिछड़ा वर्ग से हैं। मुख्यमंत्री समेत कुल 18 सदस्यों में 14 पिछड़े वर्ग से और चार सामान्य वर्ग से हैं।

युवाओं को दिया मौका

समिति में वरिष्ठ नेताओं के साथ ही तीन युवाओं को प्रतिनिधित्व देने के पीछे मंशा अनुभव और उत्साह को साथ लेकर चलने की है। टीम अखिलेश के तीन सदस्य राजपाल कश्यप, अमिताभ वाजपेयी और सुनील यादव चुनाव संचालन समिति में हैं। ये सभी सपा केयुवा संगठनों से जुड़े रहे हैं। समिति में महिलाओं की नुमाइंदगी डॉ. मधु गुप्ता करेंगी।
 
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव शुक्रवार को सपा मुख्यालय में राज्यमंत्री के दर्जे और लालबत्ती से नवाजे गए नेताओं के साथ बैठक कर चुनाव के संबंध में जरूरी निर्देश देंगे। पिछले दिनों सपा ने बड़े पैमाने पर पार्टी नेताओं को कैबिनेट या राज्यमंत्री का दर्जा दिया है। इन्हें अब चुनावी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। बैठक में करीब 200 लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

बहराइच, गाजीपुर की सपा जिला इकाइयां भंग

समाजवादी पार्टी ने बृहस्पतिवार को बहराइच और गाजीपुर की पूरी जिला इकाइयां भंग कर दीं। दोनों जिलों में क्रमश: रामतेज यादव और रामधारी सिंह यादव अध्यक्ष मनोनीत किए गए हैं।

सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संगठन को गतिशील बनाने के लिए संगठनात्मक फेरबदल किया है। बहराइच की सपा जिला कार्यकारिणी को अध्यक्ष रामहर्ष यादव सहित भंग कर दिया है।

उनके स्थान पर अकबरपुर के रामतेज यादव को जिलाध्यक्ष नामित किया है। बहराइच जिले के प्रकोष्ठों की जिला कार्यकारिणी भी उनके अध्यक्षों समेत तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है। केवल विधानसभा अध्यक्ष अपने पदों पर बने रहेंगे।
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यहां भी गिरी मुलायम की गाज

गाजीपुर की जिला कार्यकारिणी को अध्यक्ष सुदर्शन यादव और सभी प्रकोष्ठों की जनपद कार्यकारिणी को उनके अध्यक्षों समेत तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। यहां भी केवल विधान सभा अध्यक्षों को बहाल रखा है। गाजीपुर में सपा जिलाध्यक्ष पद पर ग्राम बहादुरपुर निवासी रामधारी सिंह यादव को नामित किया गया है।

हमीरपुर, महोबा और अमरोहा में अध्यक्षों को छोड़कर जिला कार्यकारिणी तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई हैं। कन्नौज के जिलाध्यक्ष नामित गए मजहारुल हक उर्फ  मुन्ना दरोगा से कार्यकारिणी गठित कर उसका शीघ्र अनुमोदन कराने के लिए कहा है।

बहराइच और गाजीपुर के नए जिलाध्यक्षों से अपेक्षा जताई है कि वे जिला कार्यकारिणी का गठन करके 10 दिन में अनुमोदन के लिए प्रदेश कार्यालय भेजें। हमीरपुर, महोबा और अमरोहा के जिलाध्यक्षों को भी नई कार्यकारिणी गठित कर अनुमोदन के लिए भेजने को कहा गया है।
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