महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के विवादास्पद बयान के विरोध में बुधवार को कुछ उपद्रवियों ने वीआईपी रोड स्थित शिवसेना प्रदेश कार्यालय पर हमला बोलकर तोड़फोड़ की और पथराव किया।
उपद्रवियों ने कार्यालय के बाहर पोस्टर व पर्चे भी चिपकाए और मुलायम सिंह, अखिलेश यादव व अमित जानी जिंदाबाद के नारे लगाए।
पोस्टर में चेतावनी दी कि गई है कि पंद्रह दिन में प्रदेश कार्यालय बंद कर लें। अन्यथा गंभीर परिणाम भुगताने होंगे।
उधर, शिवसेना प्रदेश प्रमुख की तहरीर पर कृष्णानगर पुलिस ने बसपा प्रमुख की मूर्ति तोड़ने के आरोपी अमित जानी व उसके दस साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
शिवसेना प्रमुख उदय नाथ पांडेय के मुताबिक, बुधवार चार बजे शिवसेना के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के महासचिव व कार्यालय प्रभारी डीके सिंह पार्टी दफ्तर कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे।
तभी बाइक सवार दस-बारह लोग आए और दीवारों व पोस्टर व पर्चे चिपकाने के बाद कार्यालय पर पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवी मुलायम सिंह, अखिलेश यादव व अमित जानी जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे।
शोर सुनकर पार्टी कार्यकर्ता बाहर आ गए तो बाइक सवारों ने उन पर भी हमला बोल दिया और कार्यालय में तोड़फोड़ की।
बाद में, शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उन्हें दौड़ा लिया जिससे वह रेलिंग कूदकर भाग गए। उपद्रवियों ने पोस्टर में चेतावनी दी थी कि, पंद्रह दिन के भीतर शिवसेना अपने प्रदेश कार्यालय को बंद कर दे।
अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। शिवसेना प्रदेश प्रमुख ने अमित जानी व उसके दस साथियों के खिलाफ तहरीर दी।
जिस पर इंस्पेक्टर कृष्णानगर रामसनेही यादव ने अमित व उसके दस अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
शिवसेना प्रमुख ने बसपा प्रमुख मायावती की मूर्ति तोड़ने के आरोपी अमित जानी पर रासूका लगाकर जेल भेजने की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं की तो दो दिन बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।