पुराने मुकदमे में लंबे समय से गैरहाजिर रहने पर कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने पर गुरुवार को हाजिर हुए सपा प्रवक्ता आई पी सिंह को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
साल 1999 में 2000 में हुए पंचायत चुनाव के दौरान पूर्व सांसद रहे सत्यदेव सिंह (अब स्वर्गीय) और बसपा के पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में आमने-सामने थे। मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले आई पी सिंह चुनाव में धीरू के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे। जहां विवाद हुआ था।
मामले में दर्ज कराई गई एफआईआर में आईपी सिंह भी नामजद थे। एमपी एमएलए कोर्ट में चल रहे इस मुकदमे में सपा प्रवक्ता आई पी सिंह लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे थे।
इस पर कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। गुरुवार को आईपी सिंह ने कोर्ट में हाजिर होकर अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। एमपी एमएलए कोर्ट के प्रभारी/सीजेएम ने अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर आईपी सिंह को जेल भेज दिया। उनकी जमानत पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।