जनेश्वर मिश्र पार्क पर टिप्पणी करने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती को सपा ने करारा जवाब दिया है।
बसपा सुप्रीमो मायावती कुंठित हो गई हैं। अपने पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने राजकोष का दुरुपयोग कर लखनऊ व नोएडा को कमीशनखोरी के लिए पत्थरों का जंगल बना दिया।
इतना ही नहीं एक बार फिर झूठ व फरेब की राजनीति के सहारे काठ की हांडी चढ़ाने का सपना संजोए हुए हैं। ये बातें सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कही।
हास्यास्पद हैं ये बातें
सपा प्रवक्ता ने कहा, राजधानी में मंगलवार को जनेश्वर मिश्र पार्क का लोकार्पण हुआ। लेकिन विपक्षी दलों ने इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को श्रेय देने में हिचकिचाहट दिखाई।
बसपा व भाजपा जैसे दलों की भूमिका स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रतिकूल है जो विकास कार्यों का नैतिक समर्थन तक नहीं कर सकती है।
वहीं, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री नारद राय ने जनेश्वर मिश्र पार्क पर बसपा सुप्रीमो मायावती व स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों को हास्यास्पद बताया है।
बसपा कर रही महान नेताओं का अपमान
नारद राय ने कहा, पार्क के निर्माण से पहले उसे कैबिनेट और विधानसभा से अनुमोदित कराया जा चुका है। किसी भी दल ने इसका विरोध नहीं किया।
उन्होंने कहा, बसपा नेता पार्क स्थल पर डॉ. अंबेडकर या कांशीराम को समर्पित किसी पार्क के निर्माण के प्रस्ताव का कोई प्रमाण देने में नाकाम रहे हैं।
बसपा सरकार आने पर पार्क का नाम बदलने की बात कहना खेदजनक है। यह दिवंगत महान नेताओं का अपमान है।