समाजवादी पार्टी अति पिछड़ी जातियों को गोलबंद करके जनाधार बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।
पहले ऐसी 17 जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था।
अब उसे पारित कराने के नाम पर इनसे समर्थन की मांग की जा रही है। इन जातियों के नुमाइंदों को पार्टी ने चुनाव के दौरान व्यापक समर्थन करने के लिए हेलीकॉप्टर मुहैया कराया है।
इनसे उड़नखटोले से ही घूमकर जनसभाएं करने को कहा गया है। समाजवादी पार्टी लंबे समय से पिछड़े वर्ग को गोलबंद करने का प्रयास कर रही है।
पिछड़े वर्ग वोट का छीनने की कोशिश
निषाद, राजभर, मंसूरी, नाई, प्रजापति आदि जातियों के नेताओं को पार्टी ने राज्यमंत्री का दर्जा देकर लालबत्ती से नवाजा है।
इस तरह की 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज चुकी है।
पिछले साल जुलाई-अगस्त के महीने में पार्टी ने प्रदेश भर में पिछड़ा वर्ग मंडलीय सम्मेलन करके इस बात का संदेश देने का प्रयास किया कि पिछड़ों और अति पिछड़ों की वही हिमायती है।
अब चुनाव की घोषणा के बाद अति पिछड़ी जातियों के नेताओं को पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए उतारा है।
हेलीकॉप्टर से ही करें प्रचार
उनको हेलीकॉप्टर मुहैया कराया गया है ताकि वे एक दिन में कई जनसभाएं कर सकें। हेलीकॉप्टर देकर पार्टी उनके महत्व के बारे में भी वोटरों को बताना चाहती है।
अति पिछड़ों को गोलबंद करने की जिम्मेदारी रामदुलार राजभर, गायत्री प्रसाद प्रजापति, राम आसरे विश्वकर्मा, हीरा ठाकुर, विद्यावती राजभर, अनीस मंसूरी आदि नेताओं को पार्टी ने सौंपी है।
सपा के जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्र ने बताया कि 14 अप्रैल को ये नेता चंदौली लोकसभा के सकलडीहा और मुनारी में जनसभाएं करेंगे।
वाराणसी संसदीय सीट पर भी उनको बुलाने की योजना है। स्थानीय स्तर पर भी चुनाव प्रचार में पार्टी इन बातों का ध्यान रख रही है।
अलग अलग जातियों के नेताओं की टीमें
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क करने वालों को कहा गया है कि वे विभिन्न जातियों के नेताओं की दो टीमें गठित कर लें।
प्रचार के समय अलग-अलग दिन इन टीमों के छह-सात सदस्यों को उन जातियों को बहुलता वाले गांवों में लेकर जाएं।
पार्टी संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने इस योजना की तस्दीक की है।